होम = Cover Story Global = गाजियाबाद में ई-रजिस्ट्री के विरोध में वकीलों की हड़ताल, 10 हजार से ज्यादा बैनामे अटके

गाजियाबाद में ई-रजिस्ट्री के विरोध में वकीलों की हड़ताल, 10 हजार से ज्यादा बैनामे अटके

by | Jun 30, 2026 | Cover Story Global

Ghaziabad: गाजियाबाद तहसील में जमीनों की ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में वकीलों और बैनामा लेखकों की हड़ताल मंगलवार को 20वें दिन भी जारी रही। आंदोलनकारियों ने तहसील परिसर में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पहले वे तख्तियां लेकर और ह्यूमन चेन बनाकर भी विरोध दर्ज करा चुके हैं। हड़ताल के कारण तहसील का कामकाज ठप है और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्या हैं प्रदर्शनकारियों की आपत्तियां?

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ई-रजिस्ट्रेशन लागू होने से पारंपरिक रजिस्ट्री व्यवस्था खत्म हो जाएगी, जिससे वकीलों, बैनामा लेखकों और उनसे जुड़े हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। वे सरकार से इस व्यवस्था को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

तहसील बार एसोसिएशन सदर के अध्यक्ष अशोक वर्मा ने कहा कि सरकार ने बिना अधिवक्ताओं और संबंधित पक्षों से चर्चा किए ई-पंजीकरण लागू कर दिया। उनका कहना है कि इससे न केवल वकीलों का काम प्रभावित होगा, बल्कि आम लोगों को भी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार आदेश वापस नहीं लेती या उसमें संशोधन नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।

10 हजार से ज्यादा दस्तावेज लंबित

बार एसोसिएशन के सचिव दीपक वार्ष्णेय ने कहा कि इसका असर केवल वकीलों और बैनामा लेखकों पर नहीं, बल्कि स्टांप विक्रेताओं, टाइपिस्टों, फोटोकॉपी संचालकों, चाय विक्रेताओं और तहसील से जुड़े अन्य लोगों की आजीविका पर भी पड़ेगा। उनका दावा है कि यदि रजिस्ट्री का काम निजी कंपनियों के जरिए हुआ तो भविष्य में आम जनता पर आर्थिक बोझ भी बढ़ सकता है।

लगातार 20 दिनों की हड़ताल से अब तक 10 हजार से अधिक बैनामे, अभिलेख और अन्य दस्तावेज लंबित हो चुके हैं। जिले की तहसीलों में रोजाना औसतन 500 से 600 संपत्ति संबंधी दस्तावेज—जिनमें फ्लैट, प्लॉट, दुकान, किरायानामा और विवाद पंजीकरण शामिल हैं—दर्ज होते हैं, लेकिन फिलहाल यह प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित है।

हड़ताल का सबसे ज्यादा असर दूसरे जिलों और राज्यों से आए लोगों तथा विवाह पंजीकरण कराने वाले नवविवाहित दंपतियों पर पड़ रहा है। वकीलों के अनुसार, पिछले दो सप्ताह से बड़ी संख्या में विवाह पंजीकरण भी लंबित हैं, जिससे लोगों को सरकारी और निजी कार्यों में दिक्कतें हो रही हैं।

ट्विशा शर्मा केस: सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ की न्यायिक हिरासत 13 जुलाई तक बढ़ी