क्या सोना गिरकर 1.27 लाख रुपए तक पहुंचेगा?
Gold Rate Today India: वैश्विक बाजार में इस समय सोने की कीमतों को लेकर भारी हलचल देखी जा रही है। मजबूत अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और दुनिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना दिया है। यही वजह है कि पिछले कुछ समय में सोने के दामों में तेज गिरावट दर्ज की गई है।
हाल के आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतें वायदा बाजार में लगभग 1,60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से गिरकर करीब 1,44,825 रुपये तक पहुंच गईं। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट देखने को मिली और कीमतें लगभग 4,574 डॉलर प्रति औंस तक आ गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियां सोने के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं, जिससे कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच संभावित संघर्ष, ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। तेल की कीमतों में तेजी आने से महंगाई की चिंता बढ़ी है। हालांकि आम तौर पर ऐसे हालात में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार बाजार का रुख थोड़ा अलग नजर आ रहा है।
दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंक, जैसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान, महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों को लेकर सतर्क और सख्त (hawkish) रुख अपना रहे हैं। इसका सीधा असर निवेश बाजारों पर पड़ रहा है, जिससे सोने की मांग कमजोर हुई है।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में हालिया तेजी ने सोने की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव डाला है। जैसे-जैसे डॉलर मजबूत होता है, अन्य मुद्राओं में सोना महंगा हो जाता है, जिससे उसकी मांग कम हो जाती है। यही कारण है कि सोने में गिरावट देखने को मिल रही है।
बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोने की कीमतें निकट भविष्य में दबाव में रह सकती हैं। भारत में सोना 1.25 लाख से 1.27 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक गिर सकता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह 4,200 से 4,250 डॉलर प्रति औंस तक आ सकता है। टेक्निकल विश्लेषण के अनुसार, जब तक सोना मजबूत स्तरों को पार नहीं करता, तब तक इसमें गिरावट या सीमित दायरे में कारोबार की संभावना बनी रहेगी।
पिछले लगभग 50 दिनों में सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
जनवरी के अंत में जहां सोना करीब 1,93,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, वहीं अब इसमें लगभग 48,000 रुपये तक की गिरावट आ चुकी है।
मौजूदा समय में सोने की दिशा कई बड़े फैक्टर्स डॉलर की मजबूती, तेल की कीमतें, ब्याज दरें और भू-राजनीतिक तनाव से प्रभावित हो रही है।जब तक वैश्विक हालात स्थिर नहीं होते, तब तक सोने में अस्थिरता और दबाव बने रहने की संभावना है, जिससे निवेशकों के सामने सतर्क रहने की चुनौती बनी हुई है।
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