India LPG supply assurance: केंद्र सरकार ने बुधवार को देश के उपभोक्ताओं से अपील की कि वे एलपीजी सिलेंडरों की संभावित कमी को लेकर घबराकर अतिरिक्त बुकिंग न करें। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इज़राइल संघर्ष के कारण आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में घरेलू गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। अधिकारियों ने लोगों से कहा कि अनावश्यक बुकिंग से बचें ताकि सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से गैस उपलब्ध कराई जा सके।
एक सरकारी अधिकारी के अनुसार, वर्तमान में भारत के पास प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की उपलब्धता है। उन्होंने बताया कि यह मात्रा सामान्य तौर पर इस अवधि में होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आने वाली आपूर्ति से भी अधिक है।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि तेल कंपनियों और सरकार ने पहले से ही ऊर्जा आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कदम उठाए हैं। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी एक क्षेत्र में संकट आने पर भी भारत की ऊर्जा जरूरतों पर अधिक प्रभाव न पड़े। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मौजूदा खरीद व्यवस्था देश की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित बनी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि ऊर्जा मंत्रालय और तेल कंपनियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और प्रमुख समुद्री मार्गों के आसपास सुरक्षा चिंताओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। इस क्षेत्र से दुनिया के बड़े हिस्से को तेल और गैस की आपूर्ति होती है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की बाधा का असर वैश्विक कीमतों और आपूर्ति पर पड़ सकता है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर नहीं पड़ा है और सरकार लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही है।
ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक दबाव का असर घरेलू बाजार में भी दिखाई देने लगा है। 7 मार्च को एलपीजी की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई। राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत अब लगभग 913 रुपये हो गई है। वहीं 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 110 रुपये से अधिक बढ़कर करीब 1,883 रुपये तक पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी का असर होटल और रेस्तरां जैसे व्यवसायों पर अधिक पड़ा है, क्योंकि व्यावसायिक गैस की लागत तेजी से बढ़ रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की नीति के कारण कई शहरों में व्यावसायिक गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है। बेंगलुरु, मुंबई और गुरुग्राम जैसे शहरों में कई भोजनालयों को अपने संचालन में बदलाव करना पड़ा है। कई रेस्तरां अब गैस की खपत कम करने के लिए वैकल्पिक उपाय अपना रहे हैं। कुछ जगहों पर कोयले से चलने वाले तंदूर, इंडक्शन कुकर और इलेक्ट्रिक ओवन का उपयोग बढ़ गया है।
आपूर्ति को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता ने कुछ स्थानों पर काला बाजार को भी बढ़ावा दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ इलाकों में एलपीजी सिलेंडर आधिकारिक कीमत से काफी अधिक दरों पर बेचे जा रहे हैं। जहां सामान्य कीमत लगभग 1,883 रुपये है, वहीं काला बाजार में इन्हें 2,800 से 3,000 रुपये तक में बेचे जाने की खबरें सामने आई हैं। सरकार ने ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है और कहा है कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी या कालाबाजारी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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