होम = Breaking = ग्रेटर नोएडा में 15 फीट गहरे गड्ढे में डूबा 6 साल का बच्चा, लापरवाही के आरोप में ठेकेदार गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा में 15 फीट गहरे गड्ढे में डूबा 6 साल का बच्चा, लापरवाही के आरोप में ठेकेदार गिरफ्तार

Greater Noida Child Drowning: ग्रेटर नोएडा की कलाकारों की कॉलोनी कलाधाम सोसाइटी में शनिवार शाम 6 वर्षीय अव्यान सूर्य की 15 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। निवासी आरोप लगा रहे हैं कि गड्ढे के आसपास न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाया गया था। यह गड्ढा ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने बोरिंग के लिए खुदवाया था।

अव्यान, सरकारी केंद्रीय विद्यालय में कला शिक्षक सिवान यादव का बेटा था। वह दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था, तभी गड्ढे में गिर गया। प्रत्यक्षदर्शी प्रांजल राजपूत के मुताबिक घटना शाम करीब 7 बजे हुई। सूचना मिलने पर सुरक्षा गार्ड और 3-4 स्थानीय लोग गड्ढे में उतरे। करीब पांच मिनट की तलाश के बाद बच्चे का शव मिला। उसे बाहर निकालकर CPR देने की कोशिश की गई और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। राजपूत ने इसे गंभीर लापरवाही बताया और कहा कि निवासियों को गड्ढे की जानकारी तक नहीं थी।

पिता ने अधिकारियों पर लगाया आरोप

अव्यान के पिता सिवान यादव ने कहा कि उनकी पत्नी MCD में नर्स हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कोई बच्चा इतने गहरे गड्ढे से बाहर नहीं निकल सकता था और अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनके बेटे की जान गई। उन्होंने कहा कि अव्यान को बाहर खेलना बहुत पसंद था और उसकी मौत से परिवार टूट गया है।

अथॉरिटी और सोसाइटी ने क्या कहा?

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के GM AK सिंह ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को गड्ढा खोदे जाने की जानकारी नहीं थी। पानी की समस्या के बाद ट्यूबवेल लगाने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन स्थान क्यों बदला गया, इसकी जानकारी नहीं है। काम दो दिन पहले शुरू हुआ था और ठेकेदार ने अधिकारियों को सूचित नहीं किया। उन्होंने कहा कि ठेकेदार ने सिर्फ दो बांस की बैरिकेडिंग लगाई थी, जो अपर्याप्त थी।

ठेकेदार फर्म के संचालक मनोज जैन को गिरफ्तार किया गया है। अथॉरिटी के सुपरवाइजर जॉनी और तकनीकी सुपरवाइजर आकाश राजपूत के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। वहीं, कलाधाम सोसाइटी के महासचिव देवेंद्र शुक्ला ने बताया कि कम पानी के दबाव के कारण बोरवेल की मांग की गई थी। बातचीत में बोरवेल पार्किंग के बजाय पार्क में बनाने की बात हुई थी, लेकिन बोरिंग का काम दो दिन पहले शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि गड्ढा खोदने से पहले उचित बैरिकेडिंग होनी चाहिए थी और घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

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