Swami Kailashanand Giri: सावन की पवित्रता, भगवान भोलेनाथ की भक्ति और स्वतंत्रता दिवस की राष्ट्रभक्ति का संगम 15 अगस्त को हरिद्वार में देखने को मिलेगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज भगवान भोलेनाथ की आराधना और विशेष साधना करेंगे। यह साधना राष्ट्र के कल्याण, भारत की खुशहाली और देश की अखंडता के संकल्प के साथ की जाएगी।
महादेव की आराधना के साथ राष्ट्रकल्याण की प्रार्थना
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस पवित्र अवसर पर की जाने वाली महादेव की आराधना को आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है। स्वतंत्रता दिवस के साथ इसका जुड़ाव साधना में राष्ट्रभक्ति का भाव भी जोड़ता है। स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज भगवान भोलेनाथ के चरणों में भारत की सुरक्षा, समृद्धि और शक्ति के लिए प्रार्थना करेंगे। साथ ही देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख-शांति और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता बनाए रखने की कामना की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर की अखंडता का भी संकल्प
विशेष साधना के दौरान जम्मू-कश्मीर की संपूर्ण अखंडता और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले भारतीय भू-भाग के संबंध में भारत की राष्ट्रीय भावना के अनुरूप संकल्प भी व्यक्त किया जाएगा। इस साधना में राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने की भावना को प्रमुखता दी जाएगी।
अमर बलिदानियों को किया जाएगा नमन
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर होने वाली यह साधना उन अमर बलिदानियों को भी समर्पित होगी, जिनके त्याग और संघर्ष से देश को आजादी मिली। स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उन करोड़ों भारतीयों के बलिदान, संघर्ष और संकल्प को याद करने का दिन भी है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना योगदान दिया।
भारत के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प
सावन की साधना, भगवान भोलेनाथ के चरणों में राष्ट्र के लिए प्रार्थना और स्वतंत्रता दिवस पर वीर शहीदों को नमन—विशेष साधना का भाव इसी भावना से जुड़ा होगा। इस अवसर पर भारत के उज्ज्वल भविष्य, राष्ट्र की खुशहाली और अखंडता के लिए संकल्प व्यक्त किया जाएगा।
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