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परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन पर बोले हेमंत सोरेन, विधानसभा में दिया बड़ा बयान

by | Aug 11, 2026 | News Story

Hemant Soren Exam Controversy: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में अपनी सरकार का पक्ष रखा। विधानसभा के सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर नहीं डाली जा सकती। उन्होंने इस मामले में बाहरी एजेंसियों और संबंधित संस्थाओं की भूमिका का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

सदन में परीक्षा विवाद पर गरमाई बहस

मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही भर्ती परीक्षाओं और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। भाजपा विधायकों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की और छात्रों की मांगों पर जवाब मांगा। सदन में बढ़ते शोर-शराबे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में शामिल कई एजेंसियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि JPSC और CGL जैसी परीक्षाओं में सामने आई समस्याओं को लेकर कुछ लोग राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ कार्य बाहरी संस्थाओं और कंपनियों के माध्यम से संचालित किए गए थे, इसलिए पूरे मामले को केवल राज्य सरकार से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं छात्र

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र 25 जुलाई से आंदोलनरत हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और JPSC तथा JSSC जैसी संस्थाओं के कामकाज में सुधार किया जाए। छात्र संगठनों का कहना है कि अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा है, इसलिए परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

विधानसभा सत्र समय से पहले समाप्त

मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। उल्लेखनीय है कि विधानसभा सत्र का समापन 12 अगस्त को प्रस्तावित था, लेकिन इसे एक दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है और विपक्ष सरकार के रुख पर सवाल उठा रहा है।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में सरकार का पक्ष रखते हुए पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर डालने से इनकार किया है, जबकि छात्र पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में सरकार और छात्र संगठनों के बीच इस मुद्दे पर आगे की दिशा महत्वपूर्ण रहेगी।

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