Himanshi Khurana Murder Toronto: कनाडा के टोरंटो में भारतीय मूल की 30 वर्षीय हिमांशी खुराना की हत्या के मामले में पुलिस ने सात महीने बाद 32 वर्षीय अब्दुल गफूरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी और हिमांशी एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच अंतरंग संबंध थे। गफूरी को 7 अगस्त को टोरंटो एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। उस पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का आरोप लगाया गया है।
टोरंटो पुलिस की फ्यूजिटिव स्क्वाड और होमिसाइड एंड मिसिंग पर्सन्स यूनिट ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर आरोपी को कनाडा वापस लाने की कार्रवाई की। पुलिस ने यह नहीं बताया कि हत्या के बाद गफूरी किस देश भाग गया था। घटना के बाद उसके खिलाफ पूरे कनाडा में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
घर में मिला था हिमांशी का शव
19 दिसंबर को पुलिस को एक लापता व्यक्ति की तलाश के लिए सूचना मिली थी। अगले दिन सुबह करीब 6:30 बजे एक घर से महिला का शव बरामद हुआ। पुलिस ने मौत को हत्या माना और जांच होमिसाइड यूनिट को सौंप दी। दो दिन बाद महिला की पहचान हिमांशी खुराना के रूप में हुई, जिसके बाद पुलिस ने गफूरी को मुख्य संदिग्ध बनाया। टोरंटो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने हिमांशी को भारतीय नागरिक बताते हुए हत्या पर दुख जताया था। परिवार को स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर हर संभव मदद देने की बात भी कही गई थी।
टोरंटो में भारतीय मूल की एक और महिला की हत्या
पिछले महीने टोरंटो में 26 वर्षीय नवनीत कौर की गोली मारकर हत्या का मामला भी सामने आया था। उनकी राष्ट्रीयता की पुलिस ने पुष्टि नहीं की, लेकिन उन्हें भारतीय मूल का बताया गया। इस मामले में ब्रैम्पटन निवासी 37 वर्षीय शरनजीत सिंह गिरफ्तार हुआ था। पुलिस के अनुसार, 24 जुलाई को सुबह करीब 7:23 बजे हम्बरवुड बुलेवार्ड और रेक्सडेल बुलेवार्ड के चौराहे पर सिंह ने नवनीत को गोली मारी। उस पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर और अंडरटेकिंग की शर्तों का पालन न करने का आरोप है। फर्स्ट-डिग्री मर्डर में अगर अभियोजन पक्ष पूर्व नियोजित हत्या और इरादे को साबित कर देता है तो दोषी को बिना पैरोल के उम्रकैद की सजा हो सकती है।
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