हांगकांग की पहली अंतरिक्ष यात्री लाई का-यिंग ने तियानगोंग स्पेस स्टेशन से बच्चों को अंतरिक्ष की दुनिया दिखाई।
हांगकांग की पहली अंतरिक्ष यात्री लाई का-यिंग ने बुधवार को अंतरिक्ष से स्कूली बच्चों के लिए खास लाइव क्लास आयोजित की. करीब 90 मिनट चली इस क्लास में उन्होंने बच्चों को तियानगोंग स्पेस स्टेशन के अंदर की दुनिया दिखाई. इस दौरान उनके साथ कमांडर कर्नल झू यांगझू और झांग झियुआन भी मौजूद रहे.
लाइव क्लास में हांगकांग और मकाऊ के स्कूलों के छात्रों ने अंतरिक्ष यात्रियों से बातचीत की. बच्चों को यह जानने का मौका मिला कि पृथ्वी से सैकड़ों किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में रोजमर्रा की जिंदगी कैसी होती है.
क्लास की शुरुआत लाई का-यिंग ने अपने सोने के स्थान से की. उन्होंने बताया कि उनके स्लीपिंग एरिया को बच्चों की बनाई तस्वीरों, परिवार की तस्वीरों और हांगकांग पुलिस के एंटी-स्कैम मैस्कॉट से सजाया गया है.
लाई ने यह भी बताया कि जब स्पेस स्टेशन चीन के ऊपर से गुजरता है, तो वह रात में खिड़की से हांगकांग और ग्रेटर बे एरिया की रोशनी देखने की कोशिश करती हैं.
लाइव क्लास का सबसे दिलचस्प हिस्सा अंतरिक्ष में टेबल टेनिस का प्रदर्शन रहा. जीरो ग्रैविटी में लाई और उनके साथियों ने पानी की एक तैरती हुई बूंद के साथ पिंग-पोंग खेलकर बच्चों को हैरान कर दिया.
अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण बेहद कम होने के कारण पानी की बूंदें हवा में गोल आकार लेकर तैर सकती हैं. अंतरिक्ष यात्रियों ने इसी खासियत का इस्तेमाल करके बच्चों को विज्ञान का एक मजेदार प्रयोग दिखाया.
क्लास के दौरान बच्चों को स्पेस स्टेशन के छोटे से सब्जी वाले हिस्से की जानकारी भी दी गई. कर्नल झू यांगझू ने पौधों में पानी डालकर दिखाया. इसके बाद उन्होंने अंतरिक्ष में उगाए गए सलाद पत्ते को खाकर उसका स्वाद भी बताया.
इस प्रदर्शन से बच्चों को यह समझने में मदद मिली कि भविष्य में लंबे अंतरिक्ष अभियानों के दौरान पौधों को उगाना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है.
लाई ने बच्चों के सवालों का जवाब देते हुए अंतरिक्ष यात्रियों के खाने के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि वहां चावल, नूडल्स, ब्रेड, सब्जियां और मांस जैसे अलग-अलग खाद्य पदार्थ खाए जाते हैं.
स्पेस स्टेशन पर छोटा केक बनाने की सुविधा भी मौजूद है. हालांकि लाई ने बताया कि उन्हें अपने पसंदीदा हांगकांग स्टाइल एग वफल की काफी याद आती है.
इस मिशन का मकसद केवल बच्चों को अंतरिक्ष की जिंदगी दिखाना नहीं है. मई 2026 में अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए इस दल की ओर से कई वैज्ञानिक प्रयोग भी किए जा रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, टीम जेब्राफिश, चूहों और कृत्रिम भ्रूणों से जुड़े 100 से ज्यादा वैज्ञानिक अध्ययन कर रही है. इन शोधों का उद्देश्य अंतरिक्ष में प्रजनन और जीवन से जुड़ी प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से समझना है.
इसके अलावा नए पदार्थों और अंतरिक्ष में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों की भी जांच की जा रही है. लाइव क्लास के जरिए वैज्ञानिकों ने बच्चों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर रुचि बढ़ाने की कोशिश की.
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