Saturday, Sep 12

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हूतियों का बड़ा हमला, यमन के पूरे लाल सागर तट और 3 रणनीतिक द्वीपों पर कब्जा

Houthi Red Sea Control: ईरान समर्थित हूतियों ने शुक्रवार को यमन के पूरे लाल सागर तट पर नियंत्रण हासिल करने के साथ तीन रणनीतिक द्वीपों पर भी कब्जा कर लिया। एक सप्ताह तक चले सैन्य अभियान के बाद समूह ने बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के यमनी हिस्से पर कब्जा कर लिया है। यह जलमार्ग लाल सागर और आगे स्वेज नहर के जरिए यूरोप-एशिया के बीच महत्वपूर्ण व्यापारिक कड़ी है।

सऊदी समर्थित यमनी सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि हूतियों ने बाब अल-मंदब इलाके और मय्यून द्वीप पर कब्जा पूरा कर लिया है। बाद में एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि ग्रेटर और लेसर हनिश द्वीप भी उनके नियंत्रण में आ गए हैं। इसके साथ ही आसपास का पूरा लाल सागर तट भी उनके कब्जे में है। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, हथियारबंद लोग तट पर तैनात हैं और सैन्य वाहनों से गश्त कर रहे हैं।

सऊदी तेल आपूर्ति पर बढ़ा खतरा

मय्यून द्वीप जलडमरूमध्य के बीच स्थित है। इसके कब्जे से हूतियों की सऊदी तेल टैंकरों पर हमला करने की क्षमता बढ़ सकती है। सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक है और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के बाद वह लाल सागर मार्ग पर अधिक निर्भर है।

ईरानी सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने हूतियों की जीत को बधाई दी। चाथम हाउस के फारेआ अल-मुस्लिमि ने कहा कि अब ईरान के सहयोगियों का प्रभाव मध्य-पूर्व के दोनों महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों तक पहुंच गया है। इस बीच तेल की कीमतें इस सप्ताह 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गईं और शुक्रवार को अमेरिका में औसत डीजल कीमत पहली बार 6 डॉलर से अधिक हुई। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि बाब अल-मंदब में सऊदी जहाजों को छोड़कर बाकी सभी के लिए नौवहन सुरक्षित है।

500 से ज्यादा मौतें, 46 हजार विस्थापित

संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी के अनुसार, हूती अभियान में 500 से अधिक लोगों की जान गई और करीब 46,000 लोग विस्थापित हुए। यह कार्रवाई 2014 में हूतियों द्वारा राजधानी सना पर कब्जे के बाद शुरू हुए यमन गृहयुद्ध में नए संघर्ष का हिस्सा है। इस सप्ताह हूतियों ने वर्षों में सऊदी अरब पर सबसे बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला भी किया। हमलों में तेल प्रतिष्ठानों में आग लगी और 73 लोग घायल हुए। गुरुवार की सैटेलाइट तस्वीरों में मदीना के पास धुआं दिखाई दिया, जहां से सऊदी तेल की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन लाल सागर तट की ओर जाती है।

मोचा और अन्य इलाकों पर भी कब्जा

लाल सागर अभियान से पहले हूतियों के पास उत्तरी यमन का बड़ा हिस्सा था। हाल में उन्होंने होदाइदा और ताइज के सरकार नियंत्रित इलाकों पर हमले किए और तट की ओर बढ़ते हुए गुरुवार को मोचा बंदरगाह शहर तथा बाब अल-मंदब के उत्तर में जुकर द्वीप पर कब्जा कर लिया। मोचा से भागे एक व्यक्ति ने शहर के माहौल को "कयामत जैसा" बताया।

सऊदी जवाबी कार्रवाई के बावजूद बढ़त

सऊदी अरब ने हवाई हमलों और सैनिकों की तैनाती बढ़ाकर जवाब दिया, लेकिन हूतियों की बढ़त नहीं रोक सका। हूती मीडिया के मुताबिक शुक्रवार को मोचा एयरपोर्ट पर दो सऊदी हमले हुए, जबकि स्थानीय अधिकारी ने बंदरगाह पर अज्ञात स्रोत से छह मिसाइल गिरने की बात कही। चाथम हाउस के अल-मुस्लिमि ने कहा कि सऊदी अरब ने युद्ध टालने की पूरी कोशिश की, लेकिन अब उसके पास ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को संघर्ष पर चर्चा की। यमन दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने इसे और खतरनाक संघर्ष बनने से रोकने के लिए सभी सदस्यों से सक्रिय प्रयास की अपील की। यमन में जारी संघर्ष से उस युद्ध के फिर भड़कने का खतरा है, जिसमें लाखों लोग प्रभावित हुए और दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक पैदा हुआ। हूतियों के सना कब्जे के बाद 2015 से सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन से लड़ाई चली, जिसे 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से युद्धविराम के जरिए रोका गया था।

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