Imran Khan Pakistan Army: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इलाज के लिए अस्पताल भेजे जाने के घटनाक्रम के बीच उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के रुख में नरमी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। इमरान खान के करीबी सहयोगी और पार्टी के प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने कहा है कि अगर इमरान खान जेल से बाहर आते हैं तो वह सेना या पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ सीधा टकराव नहीं करेंगे। उन्होंने देश के हित को प्राथमिकता देते हुए पुराने मतभेदों को पीछे छोड़ने की बात कही है।
इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बाद फिर जेल वापसी
यह बयान ऐसे समय आया है जब इमरान खान को इलाज के लिए जेल से अस्पताल ले जाने का मामला चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें अदियाला जेल से अस्पताल शिफ्ट किया गया था। हालांकि, मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उन्हें दोबारा अदियाला जेल भेज दिया गया। इसी घटनाक्रम के बीच PTI नेता जुल्फिकार बुखारी का बयान पाकिस्तान की राजनीति में अहम माना जा रहा है।
‘देश को नुकसान पहुंचाने वाला कदम नहीं उठाएंगे’
बुखारी ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि अगर इमरान खान को अगले दिन ही रिहा कर दिया जाए, तो वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे पाकिस्तान को नुकसान पहुंचे। उन्होंने इमरान खान को उदार सोच वाला नेता बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य देश के हित को आगे रखना होगा। बुखारी के मुताबिक, इमरान खान का जेल से बाहर आने के बाद सैन्य नेतृत्व के साथ सीधा संघर्ष करने का इरादा नहीं होगा। उन्होंने संकेत दिया कि देश के बेहतर भविष्य के लिए पुराने दर्द और गुस्से को नियंत्रित करना जरूरी है।
इमरान खान और सेना के बीच लंबे समय से तनाव
इमरान खान और पाकिस्तान की सेना के बीच लंबे समय से तनाव रहा है। वर्ष 2023 में इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने सेना और तत्कालीन सैन्य नेतृत्व के खिलाफ कई जगह प्रदर्शन किए थे। PTI समर्थक सेना प्रमुख आसिम मुनीर को इमरान खान की राजनीतिक और कानूनी मुश्किलों के लिए जिम्मेदार ठहराते रहे हैं। इमरान खान भी कई मौकों पर सैन्य नेतृत्व को लेकर तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं। ऐसे में उनके करीबी सहयोगी की ओर से अब टकराव से बचने की बात को पार्टी के रुख में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या सेना से समझौते की राह खुलेगी
जुल्फिकार बुखारी के बयान से पाकिस्तान की राजनीति में यह सवाल उठने लगा है कि क्या इमरान खान और सैन्य नेतृत्व के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव कम हो सकता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इमरान खान स्वयं सेना प्रमुख आसिम मुनीर या सैन्य नेतृत्व के साथ किसी समझौते के लिए तैयार हैं या नहीं। PTI नेता का बयान फिलहाल पार्टी के एक वरिष्ठ सहयोगी का रुख है और इसे इमरान खान की ओर से आधिकारिक बयान नहीं माना जा सकता।
सरकार और सेना की ओर से प्रतिक्रिया नहीं
बुखारी के बयान पर पाकिस्तानी सरकार और सेना की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पाकिस्तान की सेना पहले भी देश की राजनीति में हस्तक्षेप से इनकार करती रही है। वहीं सरकार का कहना है कि इमरान खान के खिलाफ चल रहे मामले न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और उनका फैसला अदालतों को करना है। ऐसे में इमरान खान के इलाज, उनकी संभावित रिहाई और PTI के बदले रुख के बीच पाकिस्तान की राजनीति में आगे क्या तस्वीर बनती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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