Monsoon Revival India July: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, जुलाई में कमजोर पड़ा मानसून अगले सप्ताह फिर सक्रिय होगा। इसकी शुरुआत पूर्वोत्तर भारत से होगी और धीरे-धीरे पूर्वी, मध्य तथा उत्तरी भारत तक बारिश का दायरा बढ़ेगा। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ व्यापक वर्षा और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
क्यों लौट रहा है मानसून?
इसकी मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) है। यह सिस्टम समुद्र से नमी खींचकर बारिश वाले बादल तैयार करेगा और पूर्वी तट से मध्य भारत की ओर बढ़ते हुए मानसूनी ट्रफ को फिर सामान्य स्थिति में लाएगा। पिछले कई सप्ताह से यह ट्रफ हिमालय की तलहटी की ओर खिसक गया था, जिससे पहाड़ों में अधिक बारिश हुई, जबकि मैदानी इलाके सूखे रहे।
जुलाई में क्यों कमजोर पड़ा मानसून?
मौसम वैज्ञानिक इसे 'ब्रेक मानसून' चरण बताते हैं। इस दौरान बंगाल की खाड़ी में बहुत कम निम्न दबाव तंत्र बने, अरब सागर से आने वाली नम हवाएं कमजोर रहीं और नीचे उतरती शुष्क हवा ने बादलों का विकास रोक दिया। नतीजतन, देश में अब तक सामान्य 323.1 मिमी के मुकाबले केवल 244.6 मिमी बारिश हुई, यानी 24% की कमी दर्ज की गई।
बारिश न होने के बावजूद नमी बनी रहने और तेज धूप के कारण कई शहरों में 'फील्स लाइक' तापमान 40°C से ऊपर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, सूखी मिट्टी भी गर्मी बढ़ाने का कारण बनी। हालांकि अगले सप्ताह की बारिश से गर्मी कम होगी और धान, सोयाबीन, कपास व दलहन की बुआई को राहत मिलेगी, लेकिन मौसमी कमी पूरी करने के लिए अगस्त तक लगातार अच्छी बारिश जरूरी होगी।
ये भी पढ़े: नागालैंड में भारी बारिश से भूस्खलन, 8 लोगों की मौत की आशंका; राहत-बचाव अभियान जारी

