US 100% Tariff: अमेरिकी सीनेट ने रूस और ईरान पर दबाव बढ़ाने वाले बड़े प्रतिबंध पैकेज को मंजूरी दे दी है। बिल में रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।
रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर टैरिफ का प्रावधान
इस बिल का नाम दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के सम्मान में रखा गया है, जो इसे तैयार करने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल थे। कानून राष्ट्रपति को उन देशों पर टैरिफ और अन्य प्रतिबंध लगाने का अधिकार देता है, जो बड़ी मात्रा में रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं।
500% से घटाकर 100% हुआ प्रस्तावित टैरिफ
सीनेट से पारित होने के बाद यह बिल अब हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में जाएगा। वहां मंजूरी मिलने के बाद इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए व्हाइट हाउस भेजा जाएगा। पहले के प्रस्तावों में रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाने की बात थी, लेकिन नए बिल में इसकी अधिकतम सीमा घटाकर 100% कर दी गई है।
भारत-अमेरिका रणनीतिक रिश्तों पर भी पड़ेगा असर
पैरा: जानकारों के मुताबिक, इस मामले में अमेरिका भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को भी ध्यान में रख सकता है। इसमें इंडो-पैसिफिक सहयोग, रक्षा, टेक्नोलॉजी और चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने की कोशिशें शामिल हैं। हालांकि, अगर भारत पर टैरिफ लगाया जाता है तो इसका असर अमेरिका को होने वाले अरबों डॉलर के भारतीय निर्यात पर पड़ सकता है। इंजीनियरिंग सामान, दवाएं, केमिकल, टेक्सटाइल और ऑटो पार्ट्स जैसे सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं।

