India Women Hockey World Cup: भारतीय महिला हॉकी टीम ने नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन स्थित वेगेनर स्टेडियम में जर्मनी को 3-1 से हराकर विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल कर लिया। यह 1974 में टूर्नामेंट के पहले संस्करण में चौथे स्थान के बाद भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। भारत ने टूर्नामेंट में सिर्फ एक मैच गंवाया था। पांचवें स्थान के मुकाबले के पहले हाफ में जर्मनी ने ज्यादा दबाव बनाया, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसे गोल में नहीं बदलने दिया।
पहले हाफ में जर्मनी का दबदबा
पहले क्वार्टर में भारत ने संभलकर खेलते हुए काउंटर अटैक पर भरोसा किया। जर्मनी ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन बिचु देवी ने शानदार बचाव किया। दूसरे क्वार्टर में भी जर्मनी के पास ज्यादा गेंद रही। 18वें मिनट में उसे एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन खराब इंजेक्शन के कारण मौका गंवा दिया गया। भारत ने इसके बाद लय पकड़ी। नवनीत कौर और कप्तान सलीमा टेटे ने जर्मन गोलकीपर फिंजा स्टार्क को लगातार परेशान किया, लेकिन पहले हाफ में स्कोर 0-0 रहा।
इशिका और नवनीत ने बदला मैच
हाफ टाइम के बाद भारत ने आक्रामक रुख अपनाया। 38वें मिनट में ज्योति के चोटिल होकर मैदान से बाहर जाने के बावजूद टीम का दबाव कम नहीं हुआ। 43वें मिनट में इशिका चौधरी ने सर्कल में घुसकर शानदार रिवर्स-लिफ्ट के जरिए भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। अगले ही मिनट भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और नवनीत कौर ने गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। अंतिम क्वार्टर की शुरुआत में नवनीत ने गोलकीपर को छकाकर शानदार डिंक के जरिए अपना दूसरा गोल दागा और भारत की बढ़त 3-0 कर दी।
जर्मनी की देर से वापसी की कोशिश
जर्मनी ने आखिरी मिनटों में दबाव बढ़ाया। सविता पुनिया ने 53वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर समेत कई अहम बचाव किए। 59वें मिनट में लिन्न क्रिंग्स ने रिबाउंड पर गोल कर अंतर 3-1 किया। आखिरी सेकंडों में जर्मनी को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारत ने बढ़त बचाते हुए मुकाबला जीत लिया।
एशियन गेम्स पर नजर
मिडफील्डर नेहा ने पांचवें स्थान को गर्व की उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि टीम का अगला बड़ा लक्ष्य एशियन गेम्स है, जहां चीन, जापान और कोरिया जैसी मजबूत एशियाई टीमों से चुनौती मिलेगी। टीम अब ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी जारी रखेगी।
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