Strait of Hormuz toll: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के बीच रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस व्यवस्था से खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर ईरान का नियंत्रण और मजबूत हो सकता है।
7% तक टोल लगाने का प्रस्ताव
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्ताव के तहत दोनों दिशाओं में गुजरने वाले जहाज ईरानी जलक्षेत्र से होकर जाएंगे, जिससे ईरान को टोल वसूलने का अधिकार मिल सकता है। ईरान कथित तौर पर माल के मूल्य का 5% से 7% तक शुल्क चाहता है, जबकि ओमान ने 3% शुल्क का प्रस्ताव रखा है। फिलहाल इस पर अंतिम समझौता नहीं हुआ है। यह शुल्क केवल वाणिज्यिक (कमर्शियल) जहाजों पर लागू होगा।
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी समाचार एजेंसी IRNA से कहा कि जहाज दोनों दिशाओं में ईरानी क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजरेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वह जून में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) में शामिल समझौतों पर लौटने को तैयार है।
$100 अरब तक हो सकती है कमाई
अनुमानों के अनुसार, यदि ईरान पहले जैसी शिपिंग मात्रा के आधार पर सभी कमर्शियल जहाजों पर 7% टोल वसूलता है, तो उसे प्रतिदिन लगभग $385 मिलियन और सालाना 100 अरब डॉलर से अधिक की आय हो सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह आय दुनिया की कई बड़ी टेक और ऊर्जा कंपनियों के वार्षिक मुनाफे के बराबर हो सकती है और स्वेज नहर के अब तक के सबसे अधिक वार्षिक टोल राजस्व को भी पीछे छोड़ सकती है। चूंकि दुनिया के करीब 20% तेल की आपूर्ति इसी मार्ग से गुजरती है, इसलिए इस प्रस्ताव का वैश्विक ऊर्जा बाजार, बीमा और शिपिंग उद्योग पर बड़ा असर पड़ सकता है।
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