ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद शुरू हुए अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या मंगलवार तक 787 तक पहुंच गई। यह जानकारी ईरानी रेड क्रिसेंट के हवाले से सरकारी मीडिया ने दी। सोमवार को मरने वालों की संख्या 555 थी।
अमेरिका और इज़राइल का यह सैन्य अभियान लगातार चौथे दिन भी जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह हाल के दशकों में मध्य पूर्व का सबसे गंभीर संघर्ष बन गया है। हमलों ने क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाई है, राजनयिक संबंधों पर दबाव डाला है और व्यापक मानव एवं आर्थिक नुकसान किया है।
अमेरिका और इज़राइल ने ईरान में रणनीतिक सैन्य ठिकानों और सरकारी नेतृत्व के केंद्रों को निशाना बनाया। इन हमलों में खामेनेई और उनके परिवार के अन्य सदस्य, साथ ही शीर्ष सैन्य और राजनीतिक अधिकारी मारे गए। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु क्षमताओं को कमजोर करना तथा संभावित खतरों को रोकना था।
इज़राइल ने दावा किया कि उसकी सेनाओं ने ईरानी कमान और नियंत्रण नेटवर्क और रिवोल्यूशनरी गार्ड ठिकानों को गंभीर क्षति पहुंचाई। हमले से ईरान की सैन्य और नागरिक बुनियादी ढांचे की क्षति हुई है।
ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और क्षेत्रीय सहयोगियों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की श्रृंखला शुरू कर दी। उपग्रह चित्रों से पता चला है कि बहरीन, इराक, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में कम से कम छह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार सुबह रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ईरानी ड्रोन हमले से स्थिति गंभीर हो गई। दो ड्रोन हमलों में सीमित आगजनी और कुछ संपत्ति को नुकसान हुआ, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। दूतावास ने नागरिकों को आश्रय स्थल में रहने की चेतावनी दी और राजनयिक परिसरों से दूर रहने के लिए कहा।
ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों ने संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों के नागरिक बुनियादी ढांचे, हवाई अड्डों और वाणिज्यिक केंद्रों को भी निशाना बनाया। दुबई और अबू धाबी में मिसाइल अवशेषों से जान-माल का नुकसान हुआ। कई देशों ने अस्थायी रूप से अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुईं और वैश्विक यात्रा में अवरोध पैदा हुआ।
तेहरान ने वैश्विक तेल परिवहन के महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी और कहा कि कोई भी जहाज मार्ग से गुजरने का प्रयास करे तो उस पर हमला किया जाएगा। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापारिक मार्ग पहले ही प्रभावित हो चुके हैं।
इस बीच, शनिवार को मीनाब शहर में एक हमले में 165 स्कूली छात्राओं और कर्मचारियों की मौत हो गई। ईरानी अधिकारियों ने इसे अमेरिकी और इज़राइली बलों द्वारा किए गए हमले के रूप में बताया। मारे गए छात्रों के लिए भव्य अंतिम संस्कार आयोजित किया गया।
चौथे दिन भी संघर्ष थमने के संकेत नहीं दिख रहे। अमेरिका, इज़राइल और ईरान अपने-अपने रणनीतिक उद्देश्यों पर जोर दे रहे हैं। पूरे क्षेत्र में नागरिक सतर्क हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय तनाव कम करने के लिए अपीलें कर रहा है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि दोनों पक्षों के बीच युद्ध जारी रहा तो यह व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है।
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