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युद्ध खत्म कराने को भारत तैयार, जयशंकर बोले- मदद की जरूरत हो तो हम मौजूद हैं

by | Sep 3, 2026 | Cover Story Featured

S Jaishankar Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म कराने की कोशिशों में भारत अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। यूक्रेन दौरे पर पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि अगर भारत किसी भी तरह से शांति स्थापित करने में मदद कर सकता है, तो वह इसके लिए मौजूद है। उनके इस बयान को भारत की संतुलित कूटनीति और शांति प्रयासों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है।

शांति के लिए मदद को तैयार भारत

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ बातचीत के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत ने हमेशा बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष का समाधान निकालने का समर्थन किया है। हालांकि, भारत ने अभी किसी औपचारिक मध्यस्थता की घोषणा नहीं की है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक जयशंकर की यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-यूक्रेन संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर विचार-विमर्श करना है।

मोदी भी दे चुके हैं बातचीत का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर लगातार बातचीत और कूटनीति पर जोर देते रहे हैं। भारत का रुख रहा है कि युद्ध का समाधान सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत की मेज पर होना चाहिए। ऐसे में जयशंकर का ताजा बयान भारत की इसी नीति को आगे बढ़ाता नजर आ रहा है।

काला सागर में बढ़ता तनाव भी अहम मुद्दा

जयशंकर और यूक्रेनी विदेश मंत्री के बीच बातचीत में काला सागर की स्थिति भी चर्चा का अहम विषय रही। इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और समुद्री मार्गों पर बढ़ते हमलों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ने की चिंता बढ़ी है। इससे पहले दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत में भी काला सागर में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के तरीकों पर चर्चा हुई थी।

पोलैंड का भी दौरा करेंगे जयशंकर

जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड के दौरे पर हैं। यूक्रेन के बाद वह पोलैंड में उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात करेंगे। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और रूस-यूक्रेन युद्ध के असर पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत फिलहाल किसी औपचारिक मध्यस्थ की भूमिका का दावा नहीं कर रहा है, लेकिन जयशंकर का बयान स्पष्ट करता है कि नई दिल्ली शांति प्रक्रिया में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

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