UN concern on Delhi protest Detention: दिल्ली में हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की चिंता को भारत ने खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस टिप्पणी को ‘अस्वीकार्य’ बताते हुए भारत के आंतरिक मामलों पर ऐसी प्रतिक्रिया पर आपत्ति जताई है।
भारत ने UN की टिप्पणी को बताया आंतरिक मामलों में दखल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि संयुक्त राष्ट्र की ओर से जताई गई चिंताएं बेवजह और अस्वीकार्य हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियां भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के समान हैं। जायसवाल ने संयुक्त राष्ट्र के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में प्रदर्शनों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की कार्रवाई पर उसने इसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भारत ने UN की विश्वसनीयता पर भी उठाए सवाल
रणधीर जायसवाल ने कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र इसी तरह चुनिंदा मामलों पर प्रतिक्रिया देता रहा, तो इससे बहुपक्षीय व्यवस्था में लोगों का भरोसा कम होगा और एक संगठन के तौर पर उसकी विश्वसनीयता भी कमजोर होगी। दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हुई पुलिस कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने चिंता जताई थी। संगठन ने हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल और बिना शर्त रिहा करने की मांग की है।
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