Jhansi: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के बबीना कस्बे में सात महीने पहले हुई प्रेम विवाह की कहानी दर्दनाक मोड़ पर खत्म हो गई। पति-पत्नी के बीच कथित विवाद के बाद पति ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जबकि पत्नी ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। मामला तब और बढ़ गया जब पोस्टमार्टम के बाद श्मशान घाट पहुंचे विवाहिता के शव का मायके पक्ष ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया और पति व ससुराल वालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हालात ऐसे बने कि पुलिस को पूरी रात श्मशान घाट पर तैनात रहना पड़ा।
विवाद के बाद पति अस्पताल, पत्नी ने की आत्महत्या
बबीना थाना क्षेत्र के इमलीपुरा निवासी सागर उर्फ सूरज साहू और राधा की 25 नवंबर 2025 को दोनों परिवारों की सहमति से प्रेम विवाह हुआ था। सोमवार देर रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद सागर ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे पहले बबीना सीएचसी और फिर झांसी के एक निजी अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। इसी दौरान घर में अकेली राधा ने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विवाह को सात वर्ष से कम समय होने के कारण पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की निगरानी में कराया गया।
श्मशान घाट पर दहेज हत्या का आरोप
पोस्टमार्टम के बाद जब ससुराल पक्ष शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गया तो मायके पक्ष ने उसे रुकवा दिया। परिजनों का आरोप है कि राधा की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाया गया ताकि मामला आत्महत्या का लगे। उनका कहना है कि शादी के बाद से पति, सास, ससुर, देवर और अन्य परिजन 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे और राधा को प्रताड़ित किया जाता था। आरोप यह भी है कि घटना से एक दिन पहले फोन कर पैसे की व्यवस्था करने, अन्यथा तलाक देकर बेटी को वापस भेजने की बात कही गई थी। मायके पक्ष का दावा है कि उन्हें समय पर सूचना भी नहीं दी गई और उनके पहुंचने से पहले अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली गई थी।
ससुराल पक्ष का दावा और पुलिस की जांच
मृतका के जेठ विजय साहू ने कहा कि परिवार सागर को बचाने के लिए अस्पताल ले गया था। इसी दौरान घर से सूचना मिली कि राधा फंदे से लटकी मिली है। उन्होंने किसी बड़े विवाद की जानकारी होने से इनकार किया।
बबीना थाना प्रभारी राहुल राठौर ने बताया कि मायके पक्ष की तहरीर के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मजिस्ट्रेटी जांच, फॉरेंसिक साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला आत्महत्या का है या दहेज हत्या का। तब तक प्रशासन की निगरानी में विधिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
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