Jharkhand News: अवैध खनन सिंडिकेट के दबाव में झुकी हेमंत सरकार! चाईबासा में ‘नो इंट्री’ लागू नहीं होने पर बोले बाबूलाल मरांडी
Jharkhand News: बेजपी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बीती रात चाईबासा में नो इंट्री की मांग को लेकर मंत्री के घर का घेराव इसके साथ ही मंत्री ने कहा कि वो शांतिपूर्ण ही धरना प्रदर्शन कर रहे रहे।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि तांबो चौक पर हुई बर्बर पुलिसिया कार्रवाई ने झारखंड की सरकार का क्रूर और अमानवीय चेहरा सामने ला दिया है। यह हमला कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की हिफाज़त करने वाला राज्य-प्रायोजित आतंक है।
आगे कहा कि ग्रामीण भाई-बहन शांतिपूर्वक 'नो एंट्री' नियम लागू करने की मांग कर रहे थे, ताकि उन्हें अवैध बालू और लौह अयस्क ढोने वाले उन किलर ट्रकों से मुक्ति मिल सके, जो पिछले एक साल में 100 से अधिक निर्दोष जिंदगियों को कुचल चुके हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि सरकार का यह अड़ियल रवैया ही है कि वह 'नो एंट्री' क्यों नहीं लागू कर रही। इसका कारण बेहद भयावह है। यह पूरा मार्ग अवैध खनन सिंडिकेट की जीवन रेखा है। यह सर्वविदित है कि इन ट्रकों से होने वाली अवैध ढुलाई में मंत्री से लेकर प्रशासन तक सब शामिल हैं हर ट्रक से कमीशन लिया जाता है। सरकार इस अवैध कारोबार को बंद नहीं करना चाहती, क्योंकि इससे अवैध कमाई का खजाना रुक जाएगा।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री मधु कोड़ा जी ने खुद इस भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया है। उन्होंने बताया कि 14 अक्टूबर को उन्होंने नोवामुंडी में 6 अवैध ट्रकों (3 लोडेड और 3 लोडिंग के लिए तैयार) की सूचना पुलिस को दी थी। लेकिन दुख की बात है कि आज तक पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की यह आपराधिक निष्क्रियता सिद्ध करती है कि वे खनन माफिया के साथ पूरी तरह मिले हुए हैं।
आगे कहा कि जब ग्रामीण सुबह से लेकर देर रात तक NH-220 पर शांति से धरना दे रहे थे और अपना भोजन बना रहे थे, तब रात 11 बजे उन पर अचानक बर्बरता की गई। इस शांत और निहत्थी भीड़ पर पुलिस ने न केवल लाठियाँ बरसाईं और आँसू गैस के गोले दागे, बल्कि सूत्रों के अनुसार फायरिंग भी की गई, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह कैसा न्याय है कि जो अपनी सुरक्षा मांग रहे हैं, उन्हें बदले में पुलिस की लाठियां और गोलियां मिल रही हैं?
ये भी पढ़ें: चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ का असर, विशाखापत्तनम में 32 उड़ानें, विजयवाड़ा में 16 और 120 ट्रेनें रद्द
उनकी मांग हैं कि इस पूरे मामले की उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और उन पर हत्या के प्रयास का मुकदमा चलाया जाए। साथ ही, 'नो एंट्री' नियम को अविलंब लागू किया जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय और मुआवजा दिया जाए। अंत में मंत्री ने कहा कि झारखंड की जनता अवैध खनन की आड़ में किए गए इस नरसंहार को कभी माफ नहीं करेगी। भ्रष्ट सरकार को जनता उखाड़ फेंकेगी।
Delhi HC CJP Deepfake Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ…
Gulveer Singh Silver: भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने नागोया एशियन गेम्स में पुरुषों की 10,000…
KBC 18 Ujjwal Nikam: कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 18 के इस वीकेंड एपिसोड में फिल्म…
Gyanesh Kumar SIR Petition: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कथित…
Kota Mayor Election: कोटा नगर निगम के मेयर चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला…
Harshvardhan Singh Banka Case: बिहार के बांका में महिला से कथित बदसलूकी का वीडियो वायरल…