JPSC JSSC Protest Jharkhand: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच राज्य सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अन्य हितधारकों से सीधे सुझाव और प्रतिक्रिया लेने के लिए एक ईमेल आईडी जारी की है। सरकार का कहना है कि छात्रों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए नीति तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राज्य अतिथि गृह में सरकार की ओर से गठित पैनल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने किया। बैठक में छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं समेत अपनी विभिन्न मांगों को सरकार के सामने रखा। हालांकि, बातचीत के दौरान तत्काल किसी अंतिम समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। राज्य सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि छात्रों और विभिन्न समूहों के साथ बातचीत आगे भी जारी रहेगी।
छात्रों की शिकायतों और सुझावों को सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए JPSSC.feedback@gmail.com ईमेल आईडी जारी की गई है। सरकार ने कहा है कि छात्र, आम लोग और अन्य संबंधित पक्ष इस माध्यम से अपनी राय और सुझाव भेज सकते हैं। राज्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के मुताबिक, सरकार विभिन्न छात्र संगठनों और हितधारकों के साथ बातचीत जारी रखेगी। प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए भर्ती व्यवस्था में सुधार की नीति तैयार करने और सामूहिक निर्णय तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे JPSC-JSSC अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में 2 जुलाई को आयोजित JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार करना शामिल है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ किसी तरह का समझौता न हो।
शुक्रवार को भी प्रदर्शन कर रहे छात्रों के एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के पैनल से बातचीत की थी। छात्रों के अनुसार, उन्हें उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें स्पष्ट हैं और सरकार को उन्हें पूरा करना चाहिए। महतो का कहना है कि अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल सरकार से मिलें या एक साथ बातचीत करें, सभी छात्रों की मूल मांगें एक जैसी हैं। जब तक उन पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन समाप्त करने का सवाल नहीं उठता।
झारखंड में छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन 25 जुलाई से शुरू हुआ था। यह आंदोलन दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG 2026 से जुड़े पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे प्रदर्शन के समानांतर शुरू हुआ था। दिल्ली में हुए प्रदर्शन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल था। अब झारखंड में सरकार द्वारा ईमेल के जरिए छात्रों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगने के फैसले को संवाद बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, छात्रों की मुख्य मांगों पर अंतिम फैसला होने तक आंदोलन जारी रहने की संभावना है।
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