Kailash Mansarovar Yatra Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया ईशा फाउंडेशन का एक ग्रुप गिरोंग में फंस गया है। वापसी के दौरान श्रद्धालु चीन के इमिग्रेशन ऑफिस में थे, तभी अचानक आई बाढ़ ने इमारत और आसपास के कस्बे को अपनी चपेट में ले लिया।
सद्गुरु पहुंचे गिरोंग, रेस्क्यू में जुटे
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने बताया कि इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद लोगों से फिलहाल कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालात की निगरानी और राहत-बचाव में मदद के लिए वह खुद गिरोंग पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि टीम और वॉलंटियर्स अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने और रेस्क्यू में हर संभव मदद कर रहे हैं।
77 लोग फंसे या लापता
ईशा फाउंडेशन के अनुसार, इस साल कैलाश यात्रा के लिए 21 ग्रुप गए थे। इनमें 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं, जबकि 743 तिब्बत और 148 नेपाल में मौजूद हैं। वहीं 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर में फंसे या लापता हैं। नेपाल के तिमुरे में 3 वॉलंटियर्स भी मौजूद हैं। सद्गुरु ने प्रभावित श्रद्धालुओं और उनके परिवारों को भरोसा दिलाया कि राहत-बचाव के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और वह खुद मौके पर मौजूद हैं।
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