Haridwar Kanwar Yatra 2026: कांवड़ मेला 2026 के औपचारिक आगाज और सावन के पवित्र महीने से पहले ही हरिद्वार में कांवड़ियों का पहुंचना शुरू हो गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल सावन मास की शुरुआत 30 जुलाई 2026, गुरुवार से होगी। इसी बीच हरिद्वार से दिल्ली जा रही एक अनोखी कांवड़ लोगों का ध्यान खींच रही है। इसकी खासियत गंगाजल नहीं, बल्कि कांवड़ के दूसरे पलड़े में बैठी 90 वर्ष से अधिक उम्र की बुजुर्ग चतरी देवी हैं।
उनका पोता मनीष चौधरी उन्हें कांवड़ में बैठाकर कंधे पर उठा रहा है, जबकि उनकी मां और चतरी देवी की बहू पारुल चौधरी पूरी यात्रा में साथ चल रही हैं। हाईवे पर परिवार के ‘जय भोले’ के जयकारे सुनकर राहगीर रुक रहे हैं और कई लोग इस पल को मोबाइल में रिकॉर्ड कर रहे हैं। श्रद्धालु भी बहू और पोते को आशीर्वाद दे रहे हैं।
दादी की इच्छा ने कराई यात्रा
दिल्ली के शाहदरा निवासी मनीष ने बताया कि पिछले साल उनकी मां पारुल गंगाजल लेने हरिद्वार आई थीं। तब उनकी दादी ने भी हरिद्वार आने और धार्मिक यात्रा का हिस्सा बनने की इच्छा जताई थी। पिछले वर्ष किसी कारण से यात्रा पूरी नहीं हो सकी, इसलिए इस बार मनीष ने मां का अधूरा संकल्प पूरा करने और दादी की इच्छा पूरी करने का फैसला किया।
हरिद्वार पहुंचकर परिवार ने कांवड़ के एक पलड़े में गंगाजल और दूसरे में दादी को बैठाया और ‘जय भोले’ के जयघोष के साथ दिल्ली की यात्रा शुरू कर दी।
‘मेरी कोई मनोकामना नहीं’
मनीष ने कहा कि इस यात्रा के पीछे उनकी कोई व्यक्तिगत मनोकामना नहीं है। वह सिर्फ अपनी मां की मदद करना और उनका अधूरा संकल्प पूरा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दादी इस बात से खुश हैं कि उनका पोता उन्हें इस यात्रा पर लेकर जा रहा है। उनके चेहरे की खुशी ही मनीष के लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है और यह यात्रा उनके लिए तपस्या जैसी है।
बहू बोली- परिवार में सेवा की भावना है
पारुल चौधरी ने कहा कि उनकी सास को कभी सेवा के लिए कहना नहीं पड़ता, क्योंकि परिवार में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सेवा की भावना स्वाभाविक है। कुछ समय पहले वह अपनी सास के साथ 84 कोस की पदयात्रा भी कर चुकी हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसी दौरान चतरी देवी ने हरिद्वार जाने की इच्छा जताई थी। इसके बाद पारुल और उनके बेटे ने तैयारी की और उन्हें हरिद्वार ले जाने का फैसला किया।

