Kashmir News: कश्मीर घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी भरा पत्र मिलने के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पत्र में कर्मचारियों को ‘अपना तरीका बदलने’ की चेतावनी दी गई है और कुछ कर्मचारियों के नाम व फोन नंबर भी जारी किए गए हैं। इसके बाद सरकार ने कर्मचारियों को सतर्क रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी है।
धमकी भरे लेटर की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस उस ऑनलाइन लेटर की जांच कर रही है, जिसे कथित तौर पर ‘यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल’ नाम के समूह ने जारी किया था। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा एक मुखौटा संगठन हो सकता है। लेटर में राजस्व विभाग के छह कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के नाम थे। फिलहाल सरकार ने कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक कुछ विभागों को कर्मचारियों को घर पर रहने की मौखिक सलाह दी गई है।
20 अगस्त तक काम पर न आने की सलाह
सूत्रों के मुताबिक, धमकी पत्र में नाम वाले कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने और 20 अगस्त तक काम पर न आने की सलाह दी गई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सनी रैना के अनुसार, घाटी में करीब 9,000 प्रवासी कर्मचारी काम कर रहे हैं। कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या के बाद यह धमकी सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।

