Ladki Bahin Yojana News: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' में बड़े पैमाने पर हुए वेरिफिकेशन के बाद करीब 92 लाख महिलाओं के नाम लाभार्थियों की सूची से हटा दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार के इस कदम से योजना के लगभग 38% लाभार्थी बाहर हो गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना में पहले करीब 2.43 करोड़ महिलाएं शामिल थीं, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह संख्या घटकर करीब 1.5 करोड़ रह गई है।
eKYC नहीं कराने पर सबसे ज्यादा नाम हटे
महाराष्ट्र सरकार ने सितंबर 2025 से राज्यभर में लाभार्थियों का सत्यापन अभियान शुरू किया था। जांच में सबसे बड़ी वजह अनिवार्य eKYC प्रक्रिया पूरी न करना सामने आई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, करीब 62 लाख महिलाओं के नाम सिर्फ eKYC नहीं कराने के कारण सूची से हटा दिए गए। यह हटाए गए कुल लाभार्थियों का लगभग 67 फीसदी है। यानी बड़ी संख्या में महिलाएं अनिवार्य इलेक्ट्रॉनिक 'नो योर कस्टमर' (eKYC) सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकीं, जिसके चलते उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया।
92 लाख महिलाओं को पहले मिल चुके थे 14 हजार करोड़ रुपये
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लाभार्थियों के नाम बाद में योजना की सूची से हटाए गए, उन्हें पहले ही करीब 14,000 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी थी। अधिकारियों का कहना है कि इन लाभार्थियों को औसतन लगभग 10 महीने तक योजना का लाभ मिला। अलग-अलग समय पर सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के कारण सभी लाभार्थियों का भुगतान एक साथ बंद नहीं किया गया।
लाडकी बहिन योजना के बजट में 9,500 करोड़ की कटौती
महाराष्ट्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लाडकी बहिन योजना का बजट घटाकर 26,500 करोड़ रुपये कर दिया है। पहले इसके लिए 36,000 करोड़ रुपये का प्रावधान था, यानी बजट में करीब 9,500 करोड़ रुपये (26%) की कमी की गई है। वहीं, महायुति गठबंधन के 1,500 रुपये की मासिक सहायता को बढ़ाकर 2,100 रुपये करने के वादे पर अभी फैसला लागू नहीं हुआ है। इसे लागू करने के लिए सरकार को करीब 37,800 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।
