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महाराष्ट्र में UCC लागू करने की तैयारी, सरकार ने बनाई 7 सदस्यीय समिति

Maharashtra UCC Committee: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने और सुझाव देने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। इस फैसले के बाद राज्य में UCC को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि समिति कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करेगी और अपनी रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

क्या होगी 7 सदस्यीय समिति की भूमिका

सरकार के अनुसार, प्रस्तावित समिति का मुख्य उद्देश्य यह अध्ययन करना होगा कि महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता लागू करने की संभावनाएं क्या हैं और इसके लिए किन कानूनी व प्रशासनिक बदलावों की आवश्यकता होगी। समिति विभिन्न कानूनों, न्यायिक फैसलों और अन्य राज्यों के अनुभवों का भी विश्लेषण करेगी। इसके अलावा अलग-अलग वर्गों और संबंधित पक्षों से सुझाव लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने की संभावना है।

क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC)

यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता ऐसा प्रस्तावित कानून है, जिसके तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति से जुड़े नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने की अवधारणा है। वर्तमान में इन विषयों पर अलग-अलग धार्मिक समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू होते हैं। भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों के तहत समान नागरिक संहिता लागू करने का उल्लेख किया गया है। हालांकि यह बाध्यकारी प्रावधान नहीं है।

राजनीतिक और कानूनी चर्चा तेज

महाराष्ट्र सरकार की इस घोषणा के बाद UCC को लेकर राजनीतिक दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। समर्थकों का मानना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी, जबकि कुछ पक्षों का कहना है कि इस विषय पर व्यापक संवाद और सभी समुदायों की राय लेना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राज्य सरकार आगे किस दिशा में कदम बढ़ाएगी।

अन्य राज्यों के अनुभवों का भी होगा अध्ययन

सूत्रों के अनुसार, समिति उन राज्यों के अनुभवों का भी अध्ययन कर सकती है, जहां समान नागरिक संहिता को लेकर पहल की गई है। इससे महाराष्ट्र में लागू किए जाने वाले संभावित मॉडल और उसकी व्यवहारिक चुनौतियों का आकलन करने में मदद मिलेगी।

अभी समिति की रिपोर्ट का इंतजार

सरकार ने फिलहाल समिति के गठन की घोषणा की है। समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करने के बाद सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया तय की जाएगी। फिलहाल UCC लागू करने को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा UCC पर सात सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा राज्य की कानून व्यवस्था और नागरिक कानूनों से जुड़े मुद्दों पर एक अहम पहल मानी जा रही है। अब सभी की नजर समिति की सिफारिशों और सरकार के अगले कदम पर रहेगी। यदि यह प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो राज्य में समान नागरिक संहिता को लेकर व्यापक कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक विमर्श देखने को मिल सकता है।

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