Mamata Banerjee protest: ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोपों के खिलाफ शुक्रवार को कोलकाता में धरना प्रदर्शन करने वाली हैं। यह प्रदर्शन राज्य की राजधानी के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल इलाके में दोपहर 2 बजे शुरू होने की योजना है। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ का राज्य दौरा भी जल्द प्रस्तावित है। ऐसे में यह विरोध प्रदर्शन पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।
इस विरोध प्रदर्शन की घोषणा पहले ही अभिषेक बनर्जी ने की थी, जो टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में संशोधन राजनीतिक कारणों से किया जा रहा है। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया के कारण लाखों वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं, जिससे उन्हें अपने मतदान के अधिकार से वंचित होना पड़ सकता है।
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) का कड़ा विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि इस प्रक्रिया में कई ऐसे मतदाताओं के नाम भी हटाए गए हैं जो पूरी तरह पात्र थे। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
चुनाव आयोग द्वारा 28 फरवरी को जारी आंकड़ों के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के बाद लगभग 63.66 लाख नाम सूची से हटाए गए हैं। यह कुल मतदाताओं का लगभग 8.3 प्रतिशत बताया गया है। इस संशोधन के बाद पश्चिम बंगाल में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.66 करोड़ से घटकर करीब 7.04 करोड़ रह गई है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि 60 लाख से अधिक मतदाताओं को फिलहाल विचाराधीन श्रेणी में रखा गया है। आने वाले समय में उनकी पात्रता की जांच की जाएगी। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संरचना बदल सकती है।
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में अल्पसंख्यक समुदाय, प्रवासी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोग अधिक प्रभावित हुए हैं। अभिषेक बनर्जी ने यह भी दावा किया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाने का लक्ष्य प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही तय कर लिया गया था। उनके अनुसार, एक करोड़ से अधिक नाम हटाने का लक्ष्य पहले ही निर्धारित किया गया था।
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इस धरने के दौरान ममता बनर्जी पार्टी की आगे की राजनीतिक रणनीति भी सार्वजनिक कर सकती हैं। इससे आने वाले महीनों में राज्य की राजनीति और अधिक सक्रिय होने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां पहले से ही तेज हो गई हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव अप्रैल-मई 2026 के बीच होने की उम्मीद है। राज्य विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं और मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त होने वाला है। पिछले चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 294 में से 215 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी और ममता बनर्जी ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
मतदाता सूची को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब चुनावी माहौल को और गर्म कर सकता है, क्योंकि विपक्ष और सत्तारूढ़ दल दोनों इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने आ चुके हैं।
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