Modi Putin Meeting: BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान PM मोदी और व्लादिमीर पुतिन की दूसरी मुलाकात में यूक्रेन युद्ध, द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा-ऊर्जा सहयोग, भारतीय श्रमिकों और रूस के बाजार तक पहुंच जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान एक बार फिर यूक्रेन संघर्ष खत्म करने की अपील की। मोदी ने दोहराया कि विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति से ही निकाला जा सकता है और भारत शांति प्रयासों में मदद के लिए तैयार है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS सम्मेलन से इतर हुई यह दोनों नेताओं की दो हफ्ते से भी कम समय में दूसरी बैठक थी। इससे पहले 31 अगस्त को बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी बातचीत हुई थी।
ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत में पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र के संघर्षों पर भी चर्चा हुई। इनका समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर असर पड़ा है। हाल के हफ्तों में ब्लैक सी में व्यापारिक जहाजों पर हमलों में कम से कम पांच भारतीय नाविकों की मौत हुई है। भारत ने इन घटनाओं को अस्वीकार्य बताते हुए रूस और यूक्रेन, दोनों के सामने विरोध दर्ज कराया है। 31 अगस्त की पिछली बैठक में भी मोदी ने कहा था कि अंतहीन युद्ध को युद्ध के अंत में बदलना चाहिए। यह उनकी उस पुरानी अपील के अनुरूप है कि यह युद्ध का युग नहीं है और युद्ध के मैदान में समाधान नहीं मिल सकता।
2030 तक 100 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य
दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष सहयोग के साथ कुशल श्रमिकों की आवाजाही और लोगों के बीच संपर्क की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा करीब 60 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य भी चर्चा में रहा। रेलवे, स्टील वैल्यू चेन, रूसी बाजार तक भारतीय उत्पादों की पहुंच, भारतीय कुशल श्रमिकों के लिए अवसर, महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग और उर्वरकों की आपूर्ति पर भी बात हुई। फिलहाल भारत का निर्यात पिछले कुछ वर्षों से करीब 5 अरब डॉलर पर अटका है, जबकि रूसी निर्यात मुख्य रूप से भारत की रूसी ऊर्जा खरीद के कारण बढ़ा है।
INNOPROM India और BRICS पर भी चर्चा
मोदी और पुतिन ने 9-11 सितंबर तक भारत मंडपम में पहली बार आयोजित रूस की अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी INNOPROM India का दौरा किया। दोनों ने इसे व्यापार और औद्योगिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया।
दोनों नेताओं ने 2026 में भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत बहुपक्षीय सहयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई, जो भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत बनी हुई है। मोदी ने पुतिन का 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। सम्मेलन की तारीख राजनयिक माध्यमों से तय की जाएगी।
ये भी पढ़े: पुतिन ने PM मोदी को रूस में होने वाले 24वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में शामिल होने का दिया न्योता

