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अली खामेनेई के जनाजे में सार्वजनिक रूप से नहीं दिखेंगे मोजतबा, सामने आई बड़ी वजह

Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद पूरे देश में शोक का माहौल है। तेहरान, मशहद, क़ोम, तबरेज, इस्फ़हान और शिराज सहित कई शहरों में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिका-इजरायल के हमले में जान गंवाने वाले खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया 4 जुलाई से शुरू होगी और 9 जुलाई को मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस दौरान लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है।

सुरक्षा कारणों से नहीं होंगे सार्वजनिक

हालांकि, इस जनाजे में ईरान के मौजूदा सर्वोच्च धार्मिक नेता और खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आएंगे। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अयातुल्ला हकीम इलाही ने बताया कि यह फैसला सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर लिया गया है।

उनके अनुसार, मोजतबा खामेनेई जनाजे के दौरान सबसे आगे रहकर लोगों का नेतृत्व करना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बेहद जोखिम भरा बताया। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक के जरिए उनकी लोकेशन का पता लगाया जा सकता है, जिससे उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। इसलिए उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई।

किसे मिलेगी जनाजे की अगुवाई?

अयातुल्ला हकीम इलाही ने बताया कि अली खामेनेई ने अपने जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए किसी विशेष व्यक्ति को नामित नहीं किया था। यदि हालात सामान्य होते तो नए सर्वोच्च नेता मोजतबा ही पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व करते।

उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल ने मोजतबा खामेनेई को अब भी अपनी हिटलिस्ट में रखा है। हकीम इलाही ने दावा किया कि इस संघर्ष में ईरान विजयी रहा है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान जा रहे हैं और कहा कि जो लोग सत्य और ईमान के साथ हैं, वे इस कार्यक्रम का समर्थन कर रहे हैं।

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