MP Bank Strike: पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी देशव्यापी हड़ताल पर हैं। मध्य प्रदेश में इसका बड़ा असर देखने को मिला है। राज्य की करीब 7,000 बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा।
मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के मुताबिक, करीब 42,000 कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए। प्रदेश में कुल 8,707 बैंक शाखाएं हैं। हड़ताल से एक दिन में करीब 5,500 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित होने का दावा किया गया है।
5 दिन काम और 2 दिन छुट्टी की मांग
बैंक यूनियनों की सबसे बड़ी मांग सप्ताह में पांच दिन काम करने की है। कर्मचारी चाहते हैं कि शनिवार और रविवार को नियमित अवकाश मिले।
यूनियनों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लागू करने की मांग लंबे समय से लंबित है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के मुताबिक, 2024 में इस मुद्दे पर समझौते के बावजूद इसे लागू करने को लेकर अब तक कोई ठोस समयसीमा नहीं मिली है।
इसके अलावा बैंक कर्मचारियों की पेंशन, भर्ती और PLI समेत कई अन्य मांगें भी हैं। कुछ यूनियनें NPS के बजाय पुरानी पेंशन व्यवस्था का विकल्प देने की मांग कर रही हैं।
MP की 7 हजार शाखाओं पर पड़ा असर
मध्य प्रदेश में 8,707 बैंक शाखाओं में से करीब 7,000 शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। इनमें 12 सरकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों के कर्मचारी-अधिकारी शामिल हैं।
हड़ताल के कारण शाखाओं में कई नियमित सेवाएं प्रभावित हुईं। इनमें कैश जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस, एफडी से जुड़े काम और सरकारी खजाने से संबंधित बैंकिंग कार्य शामिल हैं।
हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। अलग-अलग बैंकों में कुछ सेवाओं की उपलब्धता अलग हो सकती है।
₹5,500 करोड़ का कारोबार प्रभावित
हड़ताल का असर बैंकिंग कारोबार पर भी पड़ा है। मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के मुताबिक, एक दिन में करीब ₹5,500 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।
बैंक कर्मचारियों ने प्रदेश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन भी किया। उनकी मांग है कि सरकार पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को जल्द लागू करे।
सितंबर में फिर होगी हड़ताल
मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक, बैंक यूनियनों ने सितंबर में आगे भी हड़ताल का ऐलान किया है। 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है।
इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी आह्वान किया गया है। हालांकि, आगे की कार्रवाई सरकार, बैंक प्रबंधन और यूनियनों के बीच बातचीत पर निर्भर करेगी।
छत्तीसगढ़ में भी दिखा असर
मध्य प्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ में भी बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। रायपुर समेत कई जगहों पर बैंक शाखाओं का कामकाज प्रभावित रहा।
बैंक कर्मचारी संगठनों ने पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने समेत अपनी दूसरी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। देशभर में UFBU के बैनर तले यह हड़ताल की गई है।
फिलहाल बैंक कर्मचारियों और सरकार के बीच पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को लेकर गतिरोध बना हुआ है। अगर मांगों पर सहमति नहीं बनी, तो सितंबर के अंत और अक्टूबर में प्रस्तावित हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं पर फिर असर पड़ सकता है।

