Nathu La Pass Trade: भारत और चीन के बीच व्यापारिक संबंधों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं। करीब छह साल के अंतराल के बाद नाथुला दर्रे के रास्ते सीमा व्यापार फिर से शुरू हो गया है। सिक्किम को तिब्बत से जोड़ने वाले इस ऐतिहासिक मार्ग के दोबारा खुलने से स्थानीय व्यापारियों और सीमावर्ती इलाकों में नई उम्मीद जगी है। दोनों देशों के बीच 2020 में गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प के बाद सीमा पर तनाव बढ़ा था, जिसके चलते इस मार्ग से व्यापारिक गतिविधियां रोक दी गई थीं।
600 स्थानीय व्यापारी कर रहे कारोबार
व्यापारिक गतिविधियां बहाल होने के बाद सिक्किम और आसपास के इलाकों के करीब 600 स्थानीय भारतीय व्यापारी नाथुला दर्रे के जरिए तिब्बत पहुंच रहे हैं। व्यापारी भारत से चावल, चाय, मसाले और रोजमर्रा की जरूरत का सामान लेकर जा रहे हैं। वहीं, वापसी के दौरान वे चीन के तिब्बत क्षेत्र से ऊन, कच्चा रेशम और अन्य स्थानीय सामान भारत ला रहे हैं। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबे समय से चले आ रहे पारंपरिक व्यापार को फिर गति मिलने की उम्मीद है।
भारत-चीन संबंधों में सुधार का संकेत
भारत में मौजूद चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने भी नाथुला मार्ग से व्यापार बहाल होने की जानकारी दी है। इस घटनाक्रम को दोनों देशों के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंधों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। नाथुला दर्रा सिक्किम की स्थानीय अर्थव्यवस्था और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की आजीविका के लिहाज से महत्वपूर्ण है। व्यापार शुरू होने से स्थानीय कारोबारियों को आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
2025 की बातचीत के बाद बनी थी सहमति
नाथुला दर्रे से व्यापार बहाली का रास्ता दोनों देशों के बीच हुई कूटनीतिक बातचीत के बाद साफ हुआ। साल 2025 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं बैठक हुई थी। इस दौरान नाथुला, लिपुलेख और शिपकी ला जैसे व्यापारिक मार्गों को दोबारा खोलने पर सहमति बनी थी। इसके बाद नाथुला मार्ग पर व्यापारिक गतिविधियों को फिर शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए।
4,302 मीटर की ऊंचाई पर है नाथुला दर्रा
समुद्र तल से करीब 4,302 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नाथुला दर्रा भारत और तिब्बत के बीच ऐतिहासिक व्यापारिक संपर्क का महत्वपूर्ण मार्ग रहा है। इसका इस्तेमाल लंबे समय से दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार के लिए किया जाता रहा है। 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहा था। वर्ष 2006 में हुए समझौते के बाद नाथुला के रास्ते सीमा व्यापार दोबारा शुरू किया गया था। हालांकि, 2020 में कोविड-19 महामारी और इसके बाद गलवान घाटी में पैदा हुए सैन्य तनाव के कारण व्यापारिक गतिविधियां फिर रोक दी गईं। अब करीब छह साल बाद इस मार्ग पर व्यापार लौटने से सीमावर्ती कारोबारियों के साथ-साथ भारत-चीन व्यापारिक संबंधों में भी नई शुरुआत की उम्मीद जगी है।
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