Nepal Flah Flood: नेपाल के उत्तरी रसुवा जिले में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कम से कम 95 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 400 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 133 भारतीय भी शामिल हैं। बाढ़ ने घरों, वाहनों, पुलों, सड़कों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। पानी के लगातार नीचे की ओर बढ़ने से भारत के बिहार में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है।
तिब्बत से आया सैलाब, भोटे कोसी में मची तबाही
अधिकारियों के अनुसार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की ओर से पानी का तेज बहाव भोटे कोसी नदी में आया, जिससे तिमुरे और स्याफ्रुबेसी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। तिब्बत के ग्यिरोंग बॉर्डर क्षेत्र में भी भूस्खलन हुआ। चीनी सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक वहां भी कई लोग हताहत और लापता हैं।
चीनी सीमा की सुरक्षा फुटेज में लोग भारी चट्टानों, मलबे और पानी के सैलाब से कुछ क्षण पहले भागते दिखाई दिए। इस तेज बहाव ने इमारतों और वाहनों को तबाह कर दिया। सोशल मीडिया वीडियो में पुल बहते और एक घर ताश के पत्तों की तरह ढहते दिखाई दिए।
भूकंप से आया हिमस्खलन? जांच जारी
तबाही की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक सुरक्षा फुटेज में दिखे समय से करीब 7 मिनट पहले 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। आशंका है कि भूकंप से बर्फ और चट्टानों का बड़ा मलबा नदी में गिरा, जिससे पानी और मलबे का विशाल सैलाब नीचे की ओर आया। काठमांडू स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट के विशेषज्ञ कियांगगोंग झांग के अनुसार, नेपाली क्षेत्र में ल्हेंदे खोला नदी में आइस-रॉक एवलॉन्च इस आपदा की वजह हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऊपर की ओर एक अवरोध अब भी मौजूद बताया जा रहा है, जिसके अचानक टूटने पर दूसरी बड़ी बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
बाजार, पुल और गांव बहे
रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियाल के मुताबिक गांवों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साइटों के बहने की खबरें मिली हैं। तिमुरे बाजार और कस्टम क्षेत्र में वाहन और सामान बह गए। पिछले साल की बाढ़ के बाद दोबारा बनाया गया रासुवागढ़ी फ्रेंडशिप ब्रिज भी बह गया।
तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और रासुवागढ़ी की तीन नेपाल पुलिस सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। तिमुरे में तैनात 9 सशस्त्र पुलिस बल के जवान भी लापता बताए गए हैं। हाइड्रोपावर परियोजनाओं, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान हुआ है। करीब 430 मेगावाट बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, जो नेपाल की 3.2 गीगावाट कुल स्थापित हाइड्रोपावर क्षमता का 12 फीसदी से अधिक है। भोटे कोसी का पानी नारायणी देवघाट तक पहुंच गया है और जलस्तर बढ़ रहा है। नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हेलीकॉप्टर नहीं कर सके लैंड
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने आपात बैठक कर राहत-बचाव अभियान की समीक्षा की। नेपाल सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को अभियान में लगाया गया है। सेना ने दो हेलीकॉप्टर भेजे, लेकिन पानी का स्तर ज्यादा होने के कारण वे स्याफ्रुबेसी और तिमुरे में उतर नहीं सके।
बाढ़ के त्रिशूली नदी बेसिन की ओर बढ़ने से नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में भी चेतावनी जारी की गई। काठमांडू से इन क्षेत्रों की ओर यातायात रोक दिया गया। गृह मंत्री सुदन गुरूंग ने भोटे कोसी और त्रिशूली के किनारे रहने वालों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। भोटे कोसी तिब्बत से निकलकर नेपाल में बहती है और आगे त्रिशूली नदी तंत्र में मिलती है, जो भारत में गंडक के रूप में प्रवेश करती है। पिछले साल भी भोटे कोसी की बाढ़ में 9 लोगों की मौत और 24 लोग लापता हुए थे। उस घटना को तिब्बत की एक सुप्राग्लेशियल झील के पानी निकलने से जोड़ा गया था।
तिब्बत में भी भारी नुकसान
चीन के ग्यिरोंग काउंटी और पोर्ट में भूस्खलन से शिगात्से क्षेत्र के कई हिस्सों में सड़क, बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों की व्यापक तलाश और आपदा की शुरुआती चेतावनी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। चीनी दूतावास ने प्रभावित चीनी नागरिकों और कंपनियों की स्थिति का आकलन शुरू किया है। पूर्व नेपाली प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने भी त्रिशूली नदी के आसपास रहने वालों से सतर्क रहने और बचाव कार्यों में सहयोग की अपील की।
बिहार के 6 जिले हाई अलर्ट पर
नेपाल से आने वाले पानी के कारण बिहार में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष निगरानी रखी जा रही है। गंडक नदी में तेज जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते NDRF और SDRF को तैयार रखा गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बात कर स्थिति की जानकारी ली। केंद्र भी हालात पर नजर रख रहा है। मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय टीम गठित की है और मुख्य सचिव व डीजीपी निगरानी कर रहे हैं।
PM मोदी ने दिया मदद का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर बाढ़ में हुई मौतों पर संवेदना जताई और भारत की ओर से हर संभव मानवीय एवं राहत सहायता का भरोसा दिया। भारत नेपाल के संपर्क में है और हालात पर लगातार नजर रख रहा है। भारत अब नेपाल के लिए दो विमानों से राहत सामग्री भेजेगा। एक विमान बुधवार रात और दूसरा गुरुवार सुबह रवाना होने वाला है। इस बीच नेपाल, तिब्बत, चीन और बिहार में राहत-बचाव एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
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