Thursday, Aug 27

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Pakistan से भारत आ रही 150 दुल्हनें, 300 लोगों को मिली वीजा मंजूरी; जानें क्यों अटकी थीं शादियां

Pakistani Hindu Brides India Visa: सोशल मीडिया पर पाकिस्तान से भारत आ रहीं 150 हिंदू दुल्हनों की चर्चा है। ये सभी पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहने वाले सिंधी हिंदू परिवारों से हैं और भारत में शादी के लिए आ रही हैं। इनकी भारत में पहले ही सगाई हो चुकी थी, लेकिन वीजा और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के कारण शादियां लंबे समय से अटकी हुई थीं। इन 150 दुल्हनों के साथ परिवार का एक-एक सदस्य भी आया है, यानी कुल 300 लोग भारत पहुंच रहे हैं।

पहले से तय थे रिश्ते, वीजा ने रोकी शादी

समुदाय से जुड़े विवेक कुकरेजा के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के सिंधी हिंदू परिवारों के बीच दशकों पुराने रिश्ते हैं। दोनों देशों में रहने वाले परिवारों के बीच रिश्तेदारी और आवाजाही पहले भी होती रही है। इन लड़कियों की शादी नागपुर, रायपुर, जोधपुर और पुणे जैसे शहरों में तय थी। लेकिन भारत-पाकिस्तान तनाव बढ़ने और ऑपरेशन सिंदूर के बाद आवाजाही व वीजा पर पाबंदियां बढ़ गईं। वाघा-अटारी मार्ग से पाकिस्तान से भारत आने पर रोक लगने से शादी की तैयारियां बीच में अटक गईं। सामुदायिक नेता राजेश झाम्बिया के अनुसार, उस समय करीब 150 लड़कियों की शादी की प्रक्रिया फंस गई थी।

गृह मंत्रालय तक पहुंची दुल्हनों की सूची

लगातार समस्या बनी रहने पर सिंधी समुदाय ने रायपुर स्थित संत युधिष्ठिरलाल शादानी से संपर्क किया, जो पाकिस्तान के सिंध के घोटकी स्थित शादानी दरबार के आध्यात्मिक प्रमुख हैं। समुदाय ने शादी के लिए भारत आने वाली लड़कियों की सूची तैयार कर गृह मंत्रालय को भेजी और विशेष अनुमति देने का अनुरोध किया। इसके बाद सरकार ने दुल्हनों और उनके परिवार के एक सदस्य को भारत आने की मंजूरी दी। हालांकि, उन्हें जमीन के रास्ते आने की अनुमति नहीं है। इसलिए वे दुबई और श्रीलंका जैसे रूट से हवाई मार्ग के जरिए भारत पहुंच रही हैं।

भारत में शादी क्यों?

विवेक कुकरेजा के अनुसार, कई सिंधी परिवारों के रिश्तेदार भारत में बस चुके हैं, जबकि उनके कुछ सदस्य अब भी पाकिस्तान में रहते हैं। इसलिए भारत में रिश्ते होना असामान्य नहीं है। इसके अलावा, पाकिस्तान में रहने वाले कुछ हिंदू परिवार अल्पसंख्यक होने के कारण सामाजिक और धार्मिक चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे में भारत में शादी उनके लिए पारिवारिक रिश्ते के साथ बेहतर और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद भी बनती है।

पहले वाघा-अटारी से आते थे

पहले सिंध से ये परिवार वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत आते थे। शादी के बाद कई लोग वापस पाकिस्तान भी लौट जाते थे। हालांकि, पहलगाम हमले के बाद सीमा मार्ग बंद होने से यह रास्ता बंद हो गया और भारत आने के लिए हवाई मार्ग ही विकल्प रह गया।

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