होम = Breaking = NEET Paper Leak विवाद: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से सरकार का इनकार, CJP का प्रदर्शन जारी

NEET Paper Leak विवाद: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से सरकार का इनकार, CJP का प्रदर्शन जारी

by | Jul 24, 2026 | Breaking, Trending, देश

NEET Paper Leak Protest: NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की संभावना से साफ इनकार किया है। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि इस्तीफा देना जिम्मेदारी से भागने जैसा होगा। उन्होंने कहा, "इस्तीफा देकर जिम्मेदारी से भागना सबसे आसान रास्ता है। जनता ने हमें जनादेश दिया है और हम अपना काम पूरा करेंगे।"

NTA में सुधार पर सरकार का जोर

सरकार का कहना है कि उसका ध्यान राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की व्यवस्थागत कमियों को दूर करने पर है, न कि प्रतीकात्मक कदम उठाने पर। परीक्षा एजेंसी की कमियों की विस्तृत सूची तैयार की गई है और जल्द सुधारात्मक कदम लागू किए जाएंगे। सरकार ने यह भी कहा कि पेपर लीक गिरोहों पर कार्रवाई जारी है और कई नेटवर्क का भंडाफोड़ हो चुका है। बाकी आरोपियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है। इस बीच, ऑनलाइन व्यंग्य आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अपनी गैर-समझौतावादी मांग बताया है। जंतर-मंतर पर 6 जून से चल रहे महीनेभर के प्रदर्शन के तहत शुक्रवार को CJP प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से विठ्ठलभाई पटेल हाउस में दो घंटे बातचीत की।

CJP की कई मांगें

CJP प्रवक्ता सौरव दास के अनुसार, संगठन ने NEET परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने और परीक्षा सुधारों के पांच सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार करने की मांग की। सोमवार के 'संसद चलो' मार्च में कथित पुलिस बर्बरता के लिए केंद्र, RAF और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से सार्वजनिक माफी की मांग भी की गई। CJP ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन देशभर में और तेज किया जाएगा। नड्डा ने कहा कि सरकार ने मांगें सुनी हैं और विचार के बाद जवाब देगी। दोनों पक्ष शनिवार को फिर मिलेंगे। यह तीसरे दौर की औपचारिक बातचीत थी।

सोनम वांगचुक का अनशन खत्म

यह घटनाक्रम कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिन का अनशन खत्म करने के कुछ घंटे बाद हुआ। 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर 19 जुलाई को पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। उनकी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने इलाज पर सवाल उठाते हुए अदालत का रुख किया, जिसके बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाने की अनुमति मिली।

पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी

गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेल्फी वीडियो के जरिए अगले सप्ताह संसद में पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानून वाला विधेयक लाने की घोषणा की। इसके कुछ घंटे बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने परीक्षा धोखाधड़ी में शामिल लोगों के लिए सख्त सजा का प्रावधान करने वाले विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी। हालांकि, CJP का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसका फोकस परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक गिरोहों पर कार्रवाई पर रहेगा, मंत्री बदलने पर नहीं।

ये भी पढ़े: जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच फूड डिलीवरी और ई-कॉमर्स सेवाओं पर लगी रोक, जानें क्या है वजह