Saturday, Sep 05

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नेपाल बाढ़: 11 दिन बाद सुरंग से चीनी नागरिक और मलबे से महिला जिंदा बचाई गई

Nepal: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बीच शनिवार को राहत की एक बड़ी खबर सामने आई। नुवाकोट जिले के 216 मेगावाट अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की ऑडिट टनल-4 से चीनी नागरिक लुहैताओ को 11 दिन बाद जिंदा बचा लिया गया। नेपाली सेना और विदेशी बचावकर्मियों की संयुक्त टीम ने उन्हें दोपहर करीब 1:30 बजे सुरंग के अंदर लगभग 225 मीटर की दूरी से बाहर निकाला। बाद में हेलिकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच की जा रही है।

यह रेस्क्यू त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में दो नेपाली कर्मचारियों—45 वर्षीय मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महार्जन और 30 वर्षीय फोरमैन संजय साह—के एक दिन पहले जिंदा मिलने के बाद हुआ। अब इन परियोजनाओं से तीन कर्मचारी सुरक्षित निकाले जा चुके हैं।

मलबे में 11 दिन फंसी महिला भी बची

नुवाकोट के बिदुर नगरपालिका-10 स्थित बेत्रावती में 60 वर्षीय चंडिका श्रेष्ठ को उनके चार मंजिला घर के मलबे से 11 दिन बाद जीवित निकाला गया। वह ऊपरी मंजिल पर बेहोशी की हालत में मिलीं। सशस्त्र पुलिस बल की नौ सदस्यीय टीम ने उन्हें बचाया और हेलिकॉप्टर से नेपाली सेना की त्रिशूली स्थित मैथिली बैरक पहुंचाया। जरूरत पड़ने पर उन्हें काठमांडू ले जाया जाएगा।

1,300 से ज्यादा मौतें, हजारों लापता

26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से आई बाढ़ ने भोटेकोशी नदी और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई। घर, सड़कें, पुल, वाहन और हाइड्रोपावर ढांचे बह गए। 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत और हजारों के लापता होने की खबर है। 12 हाइड्रोपावर परियोजनाओं में करीब 900 कर्मचारी लापता और लगभग 500 के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। नेपाल के साथ भारत, चीन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका की विशेषज्ञ टीमें तलाश अभियान में जुटी हैं। इन रेस्क्यू से मलबे और क्षतिग्रस्त सुरंगों में और लोगों के जीवित मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

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