Nitish Kumar got angry on Tejashwi Yadav in the assembly
Nitish Kumar on Tejashwi Yadav : बिहार विधानसभा में मंगलवार को वोटर लिस्ट रिवीजन के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। तेजस्वी यादव द्वारा वोटर लिस्ट के रिवीजन फॉर्म में मांगे गए 11 डॉक्यूमेंट्स पर सवाल उठाए जाने के बाद तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
तेजस्वी यादव ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सरकार गरीबों के लिए क्या कर रही है? 11 दस्तावेजों को जुटाने में गरीब कैसे सक्षम होंगे? बिहार में यह प्रक्रिया कठिन है, क्योंकि यहां के लोग गरीबी में जीवन बिता रहे हैं। इन दस्तावेजों का क्या फायदा, जब जनता के पास इसका सही तरह से संकलन नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार का विकास अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है।
तेजस्वी यादव के आरोपों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जवाब बहुत तीखा था। नीतीश कुमार ने तेजस्वी को उनके माता-पिता के शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि जब तुम छोटे थे, तब तुम नहीं समझते थे कि क्या हो रहा था। तुम्हारे माता-पिता के समय में क्या स्थिति थी,यह तुम्हें जानने की जरूरत है। नीतीश ने आगे कहा कि तेजस्वी को जनता के बीच जाने और चुनाव में भाग लेने की सलाह दी। उन्होंने तेजस्वी से कहा, अगर तुम ऐसा समझते हो तो चुनाव लड़ा करो लेकिन बिना काम किए किसी को आलोचना करने का कोई फायदा नहीं।
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नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कई सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं और मुस्लिम समुदाय के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। सीएम ने तेजस्वी से पूछा कि जब तुम सत्ता में थे,तब मुसलमानों और महिलाओं के लिए क्या किया? क्या तुम उस समय के विकास कार्यों को नजरअंदाज करना चाहते हो? नीतीश ने यह भी दावा किया कि उनके द्वारा किए गए कार्यों के कारण पटना जैसे बड़े शहरों में सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है और लोग अब रात के समय भी घर से बाहर निकल सकते हैं।
तेजस्वी यादव ने इस दौरान संविधान की बात करते हुए कहा कि संविधान ने हमें समान अधिकार दिया है,जिसमें प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार है। हम प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह रिवीजन प्रक्रिया लोकसभा चुनाव के बाद होती, तो यह ज्यादा सही होता। तेजस्वी ने सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने अब तक इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं की।
तेजस्वी ने कहा कि बिहार में बारिश का मौसम आ चुका है और ऐसे में लोगों के लिए इन 11 दस्तावेजों को इकट्ठा करना और फॉर्म भरना काफी मुश्किल होगा। उन्होंने यह भी पूछा कि चुनाव आयोग आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों को क्यों नहीं जोड़ रहा है,ताकि प्रक्रिया और अधिक सरल हो सके।
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और सरकार पर आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में कई बांग्लादेशी, नेपाली और म्यांमारियों के नाम दर्ज किए गए हैं। उनका कहना था कि यह गलत है और चुनाव आयोग को इसे निष्पक्ष रूप से देखना चाहिए। तेजस्वी का आरोप था कि इन अप्रवासी लोगों को वोट देने का अधिकार नहीं है, और इससे बिहार के चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
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