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PoK वाले आज भारत में शामिल होने को लड़ रहे होते अगर, जम्मू-कश्मीर CM उमर अब्दुल्ला का दावा

by | Aug 15, 2026 | News Latest

Omar Abdullah PoK Statement: जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र (PoK) में चल रहे हालिया विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उस पार के मौजूदा हालात को देखकर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

PoK के हालात का किया जिक्र

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में PoK में जारी विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर परिस्थितियां अलग होतीं तो PoK के लोग आज भारत में शामिल होने के लिए संघर्ष कर रहे होते। उन्होंने यह बात वहां सामने आ रहे हालिया विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में कही और कहा कि मौजूदा हालात बहुत कुछ स्पष्ट करते हैं।

पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की बात

मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के पुराने दर्जे और पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर भी अपनी सरकार की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि राज्य का पुराना रुतबा और पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल हो। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लोगों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरने के लिए काम कर रही है।

लोकतंत्र और संघवाद को बताया देश की ताकत

उमर अब्दुल्ला ने अपने भाषण में लोकतंत्र और संघवाद को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका लोकतंत्र और संघवाद है। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था को हर कीमत पर बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उनके मुताबिक, एक मजबूत लोकतंत्र के लिए सरकार, विपक्ष और मीडिया—तीनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के प्रदर्शन पर भी चिंता

मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षाओं के बदलते स्वरूप पर भी बात की। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों और युवाओं के प्रदर्शन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने अपने भाषण में युवाओं और शिक्षा से जुड़े विषयों को भी संबोधित किया तथा बदलती परीक्षा प्रणाली को लेकर अपनी बात रखी।

2019 के बाद बदली जम्मू-कश्मीर की स्थिति

2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया था। इसके साथ जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त हो गया और राज्य को लेकर संवैधानिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव हुआ। स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में उमर अब्दुल्ला ने इसी पृष्ठभूमि में जम्मू-कश्मीर के पुराने दर्जे और पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी सरकार की मांग को दोहराया।

सरकार, विपक्ष और मीडिया की भूमिका अहम

भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र में सरकार, विपक्ष और मीडिया तीनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि देश की लोकतांत्रिक ताकत को बनाए रखना जरूरी है।

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