Operation Sindoor Rajnath Singh Blood Donation: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस को दुनिया के सामने रखा और वैश्विक संदेश दिया कि अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए भारत किसी भी हद तक जा सकता है। उन्होंने कहा कि सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों और उनके हैंडलर्स का सफाया कर उन लोगों को कड़ा जवाब दिया, जिन्होंने भारत पर बुरी नजर डालने की कोशिश की।
राजनाथ सिंह ने 9 अगस्त 2026 को दिल्ली कैंट स्थित बेस अस्पताल में ‘सिंदूर महारक्तदान यात्रा’ रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और रक्तदान अभियान की तुलना करते हुए कहा कि जहां ऑपरेशन सिंदूर ने साहस का प्रदर्शन किया, वहीं यह अभियान करुणा और मानव सेवा का उदाहरण है।
अभियान में महाराष्ट्र के करीब 1,000 पहलवानों और खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। वहीं, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (AFMS) के मुताबिक करीब 500 स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भागीदारी ने ‘Service Before Self’ की भावना को मजबूत किया। रक्षा मंत्री ने रक्तदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि आज दान किया गया रक्त भविष्य में जरूरतमंद सैनिकों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण रिजर्व के तौर पर काम आएगा।
उन्होंने रक्तदान को ‘जीवनदान’ और ‘महादान’ बताते हुए कहा कि विज्ञान और चिकित्सा में इतनी प्रगति के बावजूद मानव रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प अभी तक विकसित नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि रक्त केवल मानव शरीर ही बना सकता है और एक व्यक्ति ही दूसरे को दान कर सकता है, इसलिए रक्तदान सबसे महान परोपकार में से एक है। राजनाथ सिंह ने लोगों, खासकर युवाओं से रक्तदान को जीवनशैली और सामाजिक संस्कृति का हिस्सा बनाने की अपील की।
राजनाथ सिंह ने कहा कि 2047 में जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब लक्ष्य केवल विकसित अर्थव्यवस्था बनना नहीं होना चाहिए। देश को ऐसे संवेदनशील समाज की भी कल्पना करनी चाहिए, जहां लोग स्वस्थ और सुरक्षित हों तथा जरूरत के समय रक्त जैसे महत्वपूर्ण संसाधन आसानी से उपलब्ध हों। उन्होंने युवाओं से फिटनेस को प्राथमिकता देने की अपील की। उनके मुताबिक स्वस्थ और फिट व्यक्ति समाज के लिए अधिक उपयोगी होता है और रक्तदान जैसे नेक कार्यों में बेहतर योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसी पहलों के जरिए युवाओं को फिटनेस को जीवनशैली बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र की वीरता और करुणा की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि शारीरिक शक्ति का वास्तविक उद्देश्य दूसरों की रक्षा और राष्ट्र की सुरक्षा है। छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि से आए खिलाड़ियों और पहलवानों का योगदान राष्ट्र के लिए महान सेवा के रूप में याद रखा जाएगा।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव, महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय रविंद्र सामंत, सांसद डॉ. श्रीकांत लता एकनाथ शिंदे, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, AFMS की DG सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल VPS कौशिक, बेस अस्पताल दिल्ली कैंट के कमांडेंट मेजर जनरल विशाल चौधरी समेत कई वरिष्ठ सैन्य और नागरिक अधिकारी मौजूद रहे।
AFMS के लिए पर्याप्त रक्त भंडार बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सैन्य अस्पताल नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ ऑपरेशनल ड्यूटी, ट्रॉमा और आपात स्थितियों में भी इलाज करते हैं। स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि हर योग्य नागरिक नियमित रक्तदान के जरिए जीवन बचाने और राष्ट्र की सेवा में योगदान दे सकता है।
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