Breaking

पहलगाम केस में NIA की बड़ी कार्रवाई, आतंकी साजिश की कड़ी चीन तक पहुंची; जानें पूरा मामला

Pahalgam Case: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हमले में इस्तेमाल किए गए एक हाई-टेक कैमरे की सप्लाई चेन का पता लगाते हुए चीन से जुड़ा अहम सुराग हासिल किया है। मामले में आगे की जानकारी जुटाने के लिए एजेंसी ने अदालत से अनुमति लेकर चीन को औपचारिक न्यायिक अनुरोध भेजने की प्रक्रिया शुरू की है।

GoPro कैमरे की सप्लाई चेन की पड़ताल

जांच एजेंसी के अनुसार, 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए आतंकी हमले के दौरान GoPro Hero 12 Black कैमरे का इस्तेमाल किया गया था। यह डिवाइस आतंकी मॉड्यूल द्वारा हमले से पहले की रेकी, मूवमेंट ट्रैकिंग और ऑपरेशनल तैयारी में उपयोग में लाई गई थी।

कैमरे के सीरियल नंबर के आधार पर की गई जांच में पता चला कि यह उपकरण चीन स्थित एक डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंचा था। इस संबंध में NIA ने बीजिंग से विस्तृत जानकारी मांगी है।

जम्मू कोर्ट से लेटर रोगेटरी जारी करने की अनुमति

मामले में आगे की कार्रवाई के तहत जम्मू की अदालत में NIA ने एक आवेदन दाखिल किया। अदालत ने सोमवार को एजेंसी को चीन के लिए लेटर रोगेटरी (LR) जारी करने की मंजूरी दे दी।

LR एक औपचारिक न्यायिक प्रक्रिया है, जिसके जरिए किसी अन्य देश से साक्ष्य या जानकारी मांगी जाती है। कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि हमले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य सामग्रियों की गहन जांच जारी है, जिनमें यह कैमरा भी अहम कड़ी है।

चीन में हुआ था कैमरे का एक्टिवेशन

जांच के दौरान नीदरलैंड स्थित निर्माता कंपनी GoPro B.V. से भी संपर्क किया गया। कंपनी ने बताया कि संबंधित कैमरा ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ में AE ग्रुप इंटरनेशनल लिमिटेड नामक डिस्ट्रीब्यूटर को सप्लाई किया गया था।

कंपनी के अनुसार, यह डिवाइस 30 जनवरी 2024 को डोंगगुआन (चीन) में एक्टिवेट हुआ था। हालांकि, निर्माता के पास इसके आगे की खरीद-फरोख्त या अंतिम उपयोगकर्ता से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं है।

चीनी अधिकारियों से सहयोग की जरूरत

अदालत के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि कैमरे के एक्टिवेशन, शुरुआती उपयोग और उससे जुड़े व्यावसायिक रिकॉर्ड चीन के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में खरीदार, अंतिम उपयोगकर्ता और तकनीकी डेटा की पुष्टि केवल चीनी एजेंसियों की न्यायिक सहायता से ही संभव है।

हमले के बाद बढ़ा था भारत-पाक तनाव

22 अप्रैल को बैसरन घास के मैदान में हुए इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। इसके बाद 7 मई की सुबह भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया और 10 मई को हुए सीज़फायर से पहले पाकिस्तान तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। मामले की जांच अभी जारी है और एजेंसियां हमले से जुड़े हर पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

ये भी पढ़ें: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच दुबई से मुंबई उतरा विमान, यात्रियों ने बताई आपबीती

Deepika Gupta

Recent Posts

Pakistan Row: न्यूयॉर्क की सड़कों पर ‘चोर आया’ पोस्टर का दावा, अमेरिका में क्यों मचा बवाल

Pakistan Row: अमेरिका में पाकिस्तान को लेकर वायरल हो रहे ‘चोर आया’ पोस्टरों की तस्वीरों…

4 minutes ago

कानपुर कारोबारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बेटे ने हिटमैन से कहा- ‘पकड़े जाओ तो पत्नी का नाम लेना’

Kanpur Businessman Murder: कानपुर के फार्मा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या के मामले में पुलिस…

25 minutes ago

SIR को लेकर प्रियंका गांधी का बड़ा बयान, कहा- अगर अवैध काम हुआ तो CEC पर चलाया जाए आपराधिक मुकदमा

SIR Priyanka Gandhi Statement: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने SIR को लेकर मुख्य चुनाव…

26 minutes ago

ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड: जलने की गंध आने पर भी ड्राइवर ने नहीं रोकी बस, बोला- ‘मरना है तो मर जाओ, बस नहीं रोकेंगे’

Greater Noida Bus Fire: ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात दिल्ली से…

42 minutes ago

पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर बड़ा हमला, तालिबान सुप्रीम लीडर के शहर कंधार में धमाका

Pakistan Afghanistan Conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ…

1 hour ago

जमुई के बाद समस्तीपुर में भी युवती से सरेराह बदसलूकी, वायरल वीडियो के बाद 4 गिरफ्तार

Samastipur: बिहार में जमुई की घटना के कुछ ही दिनों बाद समस्तीपुर से भी युवती…

1 hour ago