हरियाणा

फरीदाबाद में कूड़ा जलाने की सजा: पहले चालान, अब सीधे केस!

Haryana News: फरीदाबाद में प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहर में कूड़े के ढेर में आग लगाने वालों के खिलाफ सीधे मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यह कार्रवाई केवल ग्रैप (GRAP) के लागू रहने के दौरान ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी की जाएगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) के क्षेत्रीय कार्यालय ने इस संबंध में नई कार्ययोजना तैयार की है, जिसे जिला उपायुक्त विक्रम सिंह की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।

जाने क्या है योजना

इस योजना के तहत जिले के सभी विभागों की जिम्मेदारी तय होगी ताकि नियमों का सख्ती से पालन कराया जा सके। अब तक केवल ग्रैप के दौरान ही कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई होती थी, लेकिन नए नियम के लागू होने के बाद किसी भी समय ऐसे मामलों पर FIR दर्ज की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे शहर में कूड़ा जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।

प्रदूषण का मुख्य कारण

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Pollution Control Board) के अनुसार, फरीदाबाद में प्रदूषण का एक प्रमुख कारण कूड़े के ढेर में आग लगना है। शहर के कई इलाकों में आगरा नहर रोड, बाटा फ्लाईओवर के नीचे, संजय कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी, सरूरपुर, नंगला और बल्लभगढ़ जगह-जगह कूड़े के ढेर लगाए जाते हैं। देर रात कई कबाड़ी इन ढेरों में आग लगाते हैं, जिससे निकलने वाला धुआं कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और बेंजीन जैसी जहरीली गैसों से भरा होता है। यह न केवल पर्यावरण बल्कि आसपास के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद हानिकारक है।

Air Quality की स्थिति

वहीं, बल्लभगढ़ में वायु गुणवत्ता (Air Quality) की स्थिति एक बार फिर चिंताजनक हो गई है। बुधवार को बल्लभगढ़ का AQI 220 दर्ज किया गया, जो “खराब” श्रेणी में है। जबकि पूरे फरीदाबाद का औसत AQI 112 रहा, जो “संतोषजनक” श्रेणी में आता है। तुलना की जाए तो दिल्ली (233), गुरुग्राम (263), गाजियाबाद (254), ग्रेटर नोएडा (263) और नोएडा (318) की हवा फरीदाबाद से अधिक दूषित है। हालांकि पलवल में वायु गुणवत्ता अभी भी बेहतर बनी हुई है।

नगर निगम का फरमान

अब तक नगर निगम केवल चालान काटकर कार्रवाई करता था। पिछले वर्ष निगम ने कूड़ा जलाने और कोयले के तंदूर इस्तेमाल करने पर 20 से अधिक चालान किए थे और आठ मामलों में ही FIR दर्ज हुई थी। मगर अब नियमों में बदलाव के बाद किसी भी समय कूड़ा जलाते पकड़े जाने पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि इस सख्ती से न केवल वायु प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि शहर के स्वच्छ वातावरण को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

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Shagun Chaurasia

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