Rajasthan Lab Assistant OMR Scam: राजस्थान की प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में कथित OMR शीट घोटाले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मामले में एक और आरोपी पंकज कुमा र सैनी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि एक अभ्यर्थी के वास्तविक अंक महज 4 थे, लेकिन रिकॉर्ड में उसे 191 अंक दिखाकर अनंतिम चयन तक पहुंचा दिया गया।
27 अभ्यर्थियों की OMR में हेरफेर
SOG के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार, पुलिस थाना SOG में दर्ज प्रकरण संख्या 8/2025 की जांच में सामने आया कि परीक्षा की OMR शीट स्कैन करने वाली एजेंसी राभव लिमिटेड के कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों के साथ कथित मिलीभगत कर परिणामों में हेरफेर किया। जांच के मुताबिक, एजेंसी के कर्मचारी विनोद कुमार गौड़ और शादान खान ने कथित तौर पर 27 अभ्यर्थियों की OMR शीट में बदलाव कर उन्हें लाभ पहुंचाया और अनंतिम चयन सुनिश्चित कराया।
दोबारा स्कैनिंग में खुला राज
SOG के मुताबिक, पंकज कुमार सैनी की OMR शीट की शुरुआती स्कैनिंग में 191 अंक दर्ज हुए थे। बाद में कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा दोबारा स्कैनिंग कराने पर उसके वास्तविक अंक सिर्फ 4 पाए गए। जांच एजेंसी का आरोप है कि कर्मचारियों, कंपनी अधिकारियों और अभ्यर्थी की कथित मिलीभगत से चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए यह पूरा फर्जीवाड़ा किया गया।
अब तक कई गिरफ्तारियां
SOG इस मामले में राभव लिमिटेड के कर्मचारी विनोद कुमार गौड़, शादान खान, कंपनी के कार्यकारी निदेशक रामप्रवेश सिंह और लाभार्थी अभ्यर्थियों महेंद्र कुमार मीना, देवेंद्र सिंह गुर्जर, विजय सिंह मीना, पिंटू कुमार मीना और संजय कुमार सैनी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
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