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स्कूल में बच्चे ने हाथ में पकड़ा सांप, वीडियो वायरल; पिता ने बताया पूरा सच

Rajasthan: राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर स्थित सेंट जेवियर स्कूल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में करीब 9 साल का कक्षा 3 का छात्र स्कूल परिसर में बिना किसी सुरक्षा उपकरण के हाथ में सांप पकड़े नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद दावा किया जाने लगा कि स्कूल में बच्चों को सांप पकड़ना सिखाया जा रहा है और स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे।

छात्र के पिता ने क्या बताया?

छात्र के पिता आरसी यादव ने इन दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा टाइगर घटना वाले दिन स्कूल से उनके साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान मोहल्ले में सर्प मित्र सुरेश कुमार एक रेट स्नेक का रेस्क्यू कर रहे थे। पिता के मुताबिक, सांप जहरीला नहीं था और उसे वहीं पकड़ा गया था।

इसी दौरान टाइगर ने उत्सुकता में कुछ देर के लिए सांप हाथ में ले लिया। वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पिता ने कहा कि घटना को गलत तरीके से स्कूल से जोड़कर पेश किया जा रहा है। वीडियो में बच्चे को 'सर्प मित्र' बताए जाने से भी भ्रम बढ़ा।

भविष्य में नहीं दोहराई जाएगी गलती

आरसी यादव ने माना कि बच्चे को सांप हाथ में नहीं लेना चाहिए था और कहा कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। वायरल वीडियो पर कई लोगों ने स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

विशेषज्ञों ने दी सावधानी की सलाह

विशेषज्ञों के अनुसार बिना प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण और उचित सावधानी के सांप पकड़ना खतरनाक हो सकता है। आम लोगों के लिए सांप की सही पहचान करना आसान नहीं होता, इसलिए उसे गैर-जहरीला मानकर हाथ लगाना सुरक्षित नहीं है। बरसात में सांपों की सक्रियता बढ़ने के कारण सावधानी और जरूरी हो जाती है। सांप दिखने पर उसे पकड़ने या छूने के बजाय प्रशिक्षित सर्प मित्र या विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।

फिलहाल छात्र के पिता का कहना है कि वीडियो स्कूल में बच्चों को सांप पकड़ना सिखाए जाने का नहीं, बल्कि घर लौटते समय मोहल्ले में हुए रेस्क्यू के दौरान बच्चे द्वारा सांप हाथ में लेने की घटना का है।

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