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राजकोट में दो साल पुरानी रंजिश का खूनी अंत, चचेरे भाई की चाकू से गोदकर हत्या; मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Rajkot Murder Case: गुजरात के राजकोट में अपराध की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। भक्तिनगर इलाके में दो साल पुरानी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। 42 वर्षीय घनश्यामसिंह वाघेला पर चाकू से हमला किया गया, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने कुछ ही घंटों में मुख्य आरोपी और मृतक के चचेरे भाई धर्मेंद्रसिंह वाघेला को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके साथ मौजूद दूसरा आरोपी फरार है।

कार में बैठे घनश्यामसिंह पर किया हमला

वारदात जलाराम चौक से भक्तिनगर सर्कल जाने वाले रास्ते पर धर्मजीवन अपार्टमेंट के पास हुई। मृतक के पिता अनूपसिंह वाघेला की शिकायत के अनुसार, शनिवार को उन्हें पता चला कि धर्मेंद्रसिंह एक अन्य युवक के साथ एक्टिवा से घनश्यामसिंह को तलाश रहा था। शाम करीब 6 बजे घनश्यामसिंह कार में बैठे थे, तभी आरोपी ने उन्हें बाहर बुलाकर कथित तौर पर कहा, "आज तो तुझे खत्म ही कर देना है।" इसके बाद चाकू से 6-7 वार किए गए। घायल घनश्यामसिंह को गोकुल अस्पताल ले जाया गया, जहां रात करीब 12:30 बजे उनकी मौत हो गई।

शुरुआत में पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था, लेकिन मौत के बाद इसे हत्या में बदल दिया गया। पुलिस ने BNS की धारा 103(1) जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है।

दो साल पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद

जांच में सामने आया कि विवाद की जड़ें करीब दो साल पुरानी हैं। नवरात्रि के दौरान धोराजी तालुका के भाडेर गांव में दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। उस दौरान घनश्यामसिंह और उनके पिता पर चाकू से हमला हुआ था। पाटनवाव थाने में दर्ज हत्या के प्रयास का मामला अभी धोराजी सेशंस कोर्ट में लंबित है। मृतक पक्ष द्वारा समझौता नहीं किए जाने से आरोपी परिवार नाराज था।

पुलिस कथित तौर पर घनश्यामसिंह और आरोपी के बड़े भाई की पत्नी के बीच अनैतिक संबंधों के शक को भी विवाद की एक वजह मानकर जांच कर रही है। इसी विवाद के बाद आरोपी के बड़े भाई ने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया था।

धमकियों और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच

घटना से करीब एक सप्ताह पहले धर्मेंद्रसिंह ने गांधीग्राम थाने में शिकायत दी थी कि घनश्यामसिंह उसे फोन कर धमकाते हैं। पुलिस के मुताबिक, डर के कारण आरोपी ने घर भी बदल लिया था। वहीं, घटना से एक दिन पहले घनश्यामसिंह द्वारा धर्मेंद्रसिंह को 40-50 मिस्ड कॉल किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस कॉल डिटेल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।

अहमदाबाद से लिंबड़ी तक भागा आरोपी

हमले के बाद आरोपी अहमदाबाद और फिर लिंबड़ी की ओर भागा, लेकिन भक्तिनगर पुलिस ने कुछ ही घंटों में लिंबड़ी हाईवे से उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने घनश्यामसिंह को अपना सगा चचेरा भाई बताते हुए लंबे समय से दुश्मनी की बात स्वीकार की। उसका दावा है कि उसे डर था कि घनश्यामसिंह उसकी हत्या कर देंगे, इसलिए उसने पहले ही उन्हें मारने की साजिश रची।

पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल था।

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