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DRDO की मिसाइल तकनीक का होगा देश में उत्पादन, राजनाथ ने दी हरी झंडी

by | Aug 25, 2026 | News Big, देश

DRDO Missile Technology Transfer: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित सभी पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों की तकनीक भारतीय रक्षा कंपनियों को ट्रांसफर करने की मंजूरी दी है। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि इससे देश में मिसाइलों के उत्पादन में तेजी आएगी, आयात पर निर्भरता घटेगी और MSMEs समेत घरेलू कंपनियों की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी बढ़ेगी।

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के बाद पात्र भारतीय कंपनियां जरूरी योग्यता, प्रमाणन और नियामकीय शर्तें पूरी करके DRDO की मिसाइल प्रणालियों का उत्पादन कर सकेंगी। मंत्रालय ने अक्टूबर 2025 में मिसाइल, तोप के गोले, गोला-बारूद और आयुध के विकास व निर्माण में निजी क्षेत्र को अवसर देने की घोषणा की थी।

आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा

मंत्रालय के मुताबिक, यह कदम मिसाइल प्रणालियों को विकास चरण से बड़े पैमाने के औद्योगिक उत्पादन तक ले जाने और देश के रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने में मदद करेगा। इससे घरेलू वैल्यू एडिशन और भारतीय MSMEs व अन्य टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के लिए अवसर बढ़ेंगे।

पाकिस्तान की बढ़ती क्षमताओं के बीच फैसला

यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान की अंतरिक्ष क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं। CAPSS के जुलाई विश्लेषण के अनुसार, चीन के सहयोग से SUPARCO ने 16 महीनों में छह सैटेलाइट लॉन्च किए। पाकिस्तान अंतरिक्ष आधारित निगरानी, सैटेलाइट इंटेलिजेंस और संचार क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। ऐसे में घरेलू मिसाइल उत्पादन क्षमता भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता को बढ़ा सकती है। भारत का रक्षा उत्पादन 2024-25 में रिकॉर्ड ₹1.54 लाख करोड़ और रक्षा निर्यात ₹23,622 करोड़ रहा। सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में ₹1.75 लाख करोड़ तथा 2029 तक ₹3 लाख करोड़ रक्षा उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

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