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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: बिना अनुमति ड्राइवर के पास थीं हुंडियों की चाबियां, SIT का खुलासा

by | Jun 26, 2026 | Breaking, News Featured

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में पाया गया है कि चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बीच तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन नहीं किया गया। रिपोर्ट में इसे गंभीर और कथित रूप से जानबूझकर की गई लापरवाही बताया गया है।

SOP बनने के बावजूद नहीं हुआ पालन

सूत्रों के अनुसार, सितंबर 2024 और फरवरी 2025 में ट्रस्ट और एसबीआई अधिकारियों की बैठक में चढ़ावे की गिनती, हुंडियों की सुरक्षा, नकदी प्रबंधन और रिकॉर्ड रखने के लिए विस्तृत SOP तैयार की गई थी। इस पर एसबीआई की ओर से गोविंद मिश्र और ट्रस्ट की ओर से अनिल मिश्रा ने हस्ताक्षर किए थे। हालांकि SIT जांच में सामने आया कि बाद में चढ़ावा गिनती के दौरान इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

हुंडियों की चाबियां आरोपी के पास कैसे पहुंचीं?

प्रारंभिक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना किसी अधिकृत आदेश के हुंडियों की चाबियां थीं। जांच में यह भी सामने आया कि ट्रस्ट को पहले से ही चढ़ावे में गड़बड़ी की आशंका थी, जिसके बाद SOP बनाई गई थी, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। SIT ने नकदी को चढ़ावा गणना कक्ष तक पहुंचाने और उसके प्रबंधन में कई गंभीर खामियां भी चिन्हित की हैं। रिपोर्ट में नकदी की सुरक्षा और गिनती की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सख्त सिफारिशें की गई हैं।

चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा

जांच के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि ट्रस्ट ने इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन इन इस्तीफों को SIT रिपोर्ट और जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।

8 आरोपी गिरफ्तार

SIT की सिफारिश पर पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। अयोध्या पुलिस ने मामले में नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। इन पर चढ़ावे की नकदी और कीमती सामान की गिनती व प्रबंधन में अनियमितता के आरोप हैं।

CM Yogi का सख्त संदेश, विपक्ष के सवाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि SIT रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सच्चाई सामने लाकर जनता की आस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करेगी। वहीं, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि एफआईआर में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई है। राज्य सरकार का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और अंतिम SIT रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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