CM Rekha Gupta: दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) में व्यापक स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। इस कार्रवाई के तहत कई चिकित्सा, पैरामेडिकल और प्रशासनिक कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिल्लीवासियों को बेहतर और सुचारु स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक आदेश के तहत केंद्रीय खरीद एजेंसी में कार्यरत कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस प्रक्रिया में वरिष्ठ अधिकारियों सहित डॉक्टरों के एक समूह का स्थानांतरण किया गया है। साथ ही फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, लैब सहायक और अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों को भी नई जगहों पर तैनात किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न स्तरों के कर्मचारियों की जिम्मेदारियों की समीक्षा की है। इस दौरान उन अधिकारियों और कर्मचारियों का भी आकलन किया गया जो विभाग से जुड़े होने के बावजूद अन्य कार्यालयों में कार्यरत थे। विभाग का उद्देश्य उपलब्ध मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार CPA स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण इकाई है, जो दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सामग्रियों की खरीद एवं वितरण का काम संभालती है। इसी कारण एजेंसी की कार्यप्रणाली को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाने के लिए अनुभवी अधिकारियों को यहां नियुक्त किया जा रहा है।
प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत अलग-अलग सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से चिकित्सा अधिकारियों को CPA में जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि इससे खरीद, भंडारण, आपूर्ति प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार होगा।
स्वास्थ्य विभाग ने कई महत्वपूर्ण शाखाओं और परियोजनाओं के संचालन के लिए अधिकारियों को अतिरिक्त दायित्व दिए हैं। इनमें परियोजना प्रबंधन, स्टोर एवं खरीद, कंप्यूटर सेल, जन शिकायत निवारण, सूचना का अधिकार, स्वास्थ्य शिविर और अस्पताल समन्वय जैसे विभाग शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। आने वाले समय में भी विभागीय व्यवस्थाओं की समीक्षा जारी रहेगी ताकि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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