रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन ने रूस के भीतर कई अहम ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों में प्रमुख लॉजिस्टिक केंद्र, ऑयल डिपो और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। रूसी अधिकारियों के अनुसार, हमलों में 9 लोगों की मौत हुई है, जबकि 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
वेयरहाउस पर हमले में कई कर्मचारियों की मौत
रिपोर्ट के मुताबिक पहला ड्रोन हमला रूस के तांबोव क्षेत्र के कोतोव्स्क स्थित एक बड़े वेयरहाउस पर हुआ, जो यूक्रेन सीमा से लगभग 360 किलोमीटर दूर है। तांबोव के गवर्नर ने बताया कि घटना के समय नाइट शिफ्ट में काम कर रहे सात कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हो गए।
वहीं, मॉस्को के पूर्व में स्थित इलेक्ट्रोस्टाल शहर में हुए दूसरे हमले में 61 लोग घायल हुए। इनमें से 40 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि बाद में एक घायल व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
ऑयल डिपो और अन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना
यूक्रेनी ड्रोन ने नोगिंस्क क्षेत्र के एक ऑयल डिपो पर भी हमला किया, जिससे वहां आग लग गई। एहतियात के तौर पर आसपास के मैटरनिटी अस्पताल और रिहायशी इमारतों को खाली कराया गया। ड्रोन का मलबा एक किंडरगार्टन परिसर में गिरने से वहां भी आग लग गई, हालांकि दमकल कर्मियों ने आग पर जल्द काबू पा लिया। इसके अलावा बेलगोरोद क्षेत्र में हुए एक अन्य ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया।
यूक्रेन ने हमलों की वजह बताई
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि जिन लॉजिस्टिक केंद्रों और गोदामों को निशाना बनाया गया, उनका इस्तेमाल रूस कथित तौर पर ड्रोन और नेविगेशन सिस्टम के निर्माण के लिए विदेशी प्रतिबंधित पुर्जों की आपूर्ति में कर रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि यूक्रेनी बलों ने आजोव सागर और रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में कई सैन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई की है।
यूक्रेनी सेना का कहना है कि नोगिंस्क का ऑयल डिपो रूसी सेना के लिए ईंधन आपूर्ति का प्रमुख केंद्र था। इसके अलावा ब्लैक सी और आजोव सागर में मौजूद कई नौसैनिक संसाधनों तथा एक रेलवे पुल को भी निशाना बनाने का दावा किया गया है।
रूस का दावा- 379 ड्रोन मार गिराए
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर के दौरान 19 क्षेत्रों, क्रीमिया, आजोव सागर और ब्लैक सी के ऊपर उड़ रहे 379 यूक्रेनी ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। हालांकि मंत्रालय ने स्वीकार किया कि कुछ ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे, जिससे वेयरहाउस, ऑयल डिपो, परिवहन ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान पहुंचा।
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