व्यापार

बाजार में भूचाल! सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का, निफ्टी टूटा 22,800 के नीचे, रुपया भी फिसला

Share Market Update: मंगलवार के कारोबारी दिन की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए झटके भरी रही। शुरुआती सत्र में ही बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया। बीएसई का सेंसेक्स खुलते ही जोरदार गिरावट के साथ 824.44 अंक टूटकर 73,282.41 के स्तर पर आ गया। वहीं, एनएसई का निफ्टी भी दबाव में दिखा और 248.95 अंकों की गिरावट के साथ 22,719.30 पर पहुंच गया, जो 22,800 के अहम स्तर से नीचे है।

शेयरों में गिरावट का दबाव

शुरुआती कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में कमजोरी नजर आई। खासतौर पर इटरनल और इंडिगो के शेयरों में करीब 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार की कमजोरी और गहरी हो गई।

रुपया भी पड़ा दबाव में

सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, भारतीय मुद्रा भी इस गिरावट से अछूती नहीं रही। डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे कमजोर होकर 93.07 पर पहुंच गया। यह गिरावट विदेशी निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक अनिश्चितताओं की ओर इशारा करती है।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

एशियाई बाजारों में भी मंगलवार को सतर्कता देखने को मिली। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।

जापान का निक्केई 225 शुरुआती बढ़त गंवाकर 0.2% गिर गया।
ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 1.5% की बढ़त के साथ मजबूत दिखा।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग स्थिर रहा और मामूली गिरावट दर्ज की।
चीन का शंघाई कंपोजिट 0.4% चढ़ा।
हांगकांग में अवकाश के चलते बाजार बंद रहा।

तेल की कीमतों में उबाल, बढ़ी चिंता

वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सख्त चेतावनियों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी कच्चा तेल 2.37 डॉलर उछलकर 114.78 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 1.40 डॉलर बढ़कर 111.17 डॉलर प्रति बैरल हो गया। यह स्तर युद्ध से पहले के लगभग 70 डॉलर के मुकाबले काफी ज्यादा है।

वॉल स्ट्रीट से मिला हल्का सहारा

हालांकि अमेरिकी बाजारों से कुछ सकारात्मक संकेत मिले। वॉल स्ट्रीट पर हल्की बढ़त दर्ज की गई।

S&P 500 में 0.4% की बढ़त
डाउ जोन्स 165 अंक ऊपर
नैस्डैक 0.5% मजबूत

यह पिछले छह हफ्तों में पहली बार है जब अमेरिकी बाजार ने हफ्ते की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की।

क्या है आगे का संकेत?

वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की सतर्कता फिलहाल भारतीय बाजार पर दबाव बना रही हैं। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी।

ये भी पढ़ें: ईरान युद्ध के बीच एफिल टावर पर डिनर और पेरिस ट्रिप हुई महंगी; इटली समेत कई देशों के टूर पैकेज में इजाफा

Shagun Chaurasia

Recent Posts

IIT बॉम्बे छात्र की मौत के बाद माता-पिता का अनशन, ‘प्रताड़ित करने वालों’ पर कार्रवाई की मांग

IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय BTech छात्र के माता-पिता ने मुंबई…

11 hours ago

‘वोट चोरी’ से होती है ‘कानून चोरी’: राहुल गांधी बोले- सांसदों के बनाए कानून भी अवैध

Rahul Gandhi Vote Chori Allegation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य…

12 hours ago

AI की रफ्तार बढ़ी तो बढ़ेगा ई-कचरा, 2050 तक हर साल 6.1 करोड़ टन तक निकल सकता है वेस्ट

AI E-Waste: दुनिया में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग मशीनों…

13 hours ago

मेरठ सेंट्रल मार्केट के 650 व्यापारियों को राहत, सरकार लाएगी विशेष पुनर्वास नीति

Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…

13 hours ago

गोवा में वोटर डिलीट करने के बाद नाम नहीं हो सका बहाल; EC ने Form 7 का दिया हवाला

ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…

13 hours ago

‘देशभर में होगा प्रदर्शन’: CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे में की इस्तीफे की मांग

CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…

14 hours ago