Skipping Breakfast Gallstones: भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं। हालांकि यह आदत लंबे समय में गॉलब्लैडर (पित्ताशय) की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर पथरी (Gallstones) बनने का खतरा बढ़ा सकती है। चेन्नई के SRM Prime Hospital के मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. अरुल प्रकाश के अनुसार, लंबे समय तक खाली पेट रहने से गॉलब्लैडर पर असर पड़ता है।
कैसे बढ़ता है खतरा?
डॉ. प्रकाश बताते हैं कि गॉलब्लैडर में पित्त (Bile) जमा रहता है, जो भोजन—खासतौर पर वसा युक्त भोजन जैसे मक्खन या नॉनवेज—आंत में पहुंचने पर बाहर निकलता है। इससे गॉलब्लैडर पूरी तरह सिकुड़कर पित्त खाली करता है।
लेकिन यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक उपवास रखता है, बार-बार भोजन छोड़ता है या असंतुलित आहार लेता है, तो गॉलब्लैडर पर्याप्त सक्रिय नहीं हो पाता। इससे पित्त लंबे समय तक जमा रहता है, गाढ़ा होने लगता है और पहले स्लज (Sludge) बनता है, जो आगे चलकर पथरी में बदल सकता है।
सिर्फ नाश्ता छोड़ना ही वजह नहीं
डॉक्टर के मुताबिक, पथरी केवल एक कारण से नहीं बनती। 20 से 45 वर्ष की महिलाओं में हार्मोनल बदलाव के कारण गॉलब्लैडर की गति धीमी हो सकती है, जिससे उनमें पथरी बनने का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक रहता है।
कुछ लोगों में पथरी होने पर कोई लक्षण नहीं दिखते, जबकि अन्य में दर्द, गॉलब्लैडर में सूजन या पित्त नली में रुकावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
डॉ. प्रकाश ने स्पष्ट किया कि केवल नाश्ता छोड़ने और पथरी के बीच सीधा वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, लेकिन लंबे समय तक खाली पेट रहने से गॉलब्लैडर की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है, जिससे पथरी बनने की आशंका बढ़ती है। इसलिए उन्होंने नियमित समय पर कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर संतुलित भोजन करने, दिन की शुरुआत पौष्टिक नाश्ते से करने, संतुलित दोपहर का भोजन और हल्का रात का खाना खाने की सलाह दी है।
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