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जानिए, PM Modi का सेशेल्स दौरा क्यों है इतना महत्वपूर्ण

PM Modi Seychelles Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे पर हैं, जहां वह देश के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। 11 वर्षों बाद हो रही यह यात्रा ऐसे समय में है, जब पश्चिमी हिंद महासागर वैश्विक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का प्रमुख केंद्र बन चुका है। भारत के लिए यह विकास सहयोग से आगे बढ़कर समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, डिजिटल परिवर्तन और सतत विकास पर आधारित रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का अवसर है।

2015 की यात्रा बनी थी अहम मोड़

मार्च 2015 में मोदी की यात्रा 34 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली सेशेल्स यात्रा थी। उसी दौरान भारत ने SAGAR (Security and Growth for All in the Region) विजन पेश किया था। दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), हाइड्रोग्राफी और असम्पशन द्वीप विकास से जुड़े समझौते किए, तटीय निगरानी रडार प्रणाली (Coastal Surveillance Radar System) का उद्घाटन हुआ तथा सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की गई। हालांकि असम्पशन द्वीप पर प्रस्तावित नौसैनिक परियोजना स्थानीय राजनीतिक विरोध और पर्यावरणीय चिंताओं के कारण लागू नहीं हो सकी।

समुद्री सुरक्षा साझेदारी का आधार

बीते दशक में चीन ने हिंद महासागर क्षेत्र में निवेश, बंदरगाह विकास और रक्षा सहयोग बढ़ाया है। इसके जवाब में भारत ने क्षमता निर्माण, विकास सहयोग और स्थानीय प्राथमिकताओं के सम्मान पर आधारित मॉडल अपनाया। मेडागास्कर के उत्तर-पूर्व में स्थित सेशेल्स महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों की निगरानी करता है, जहां समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ना, मादक पदार्थों की तस्करी जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। भारत ने सेशेल्स को गश्ती पोत, फास्ट इंटरसेप्टर बोट, दो डोर्नियर विमान, तटीय निगरानी रडार नेटवर्क, हाइड्रोग्राफिक सर्वे और रक्षा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है। Exercise Lamitye अब त्रि-सेवा सैन्य अभ्यास बन चुका है और भारतीय नौसेना नियमित रूप से यहां तैनाती करती है। इस दौरे में एक और गश्ती पोत सौंपे जाने की उम्मीद है।

आर्थिक सहयोग और भविष्य की दिशा

फरवरी 2026 में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा के दौरान $17.5 करोड़ का विशेष आर्थिक पैकेज, SESEL (Sustainability, Economic Growth and Security through Enhanced Linkages) संयुक्त विजन और स्वास्थ्य, फार्मा, समुद्री विज्ञान, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन, संस्कृति व क्षमता निर्माण सहित सात समझौते हुए थे। इस यात्रा में उनकी प्रगति की समीक्षा होगी और नए सहयोग क्षेत्रों पर चर्चा होगी। दोनों देशों का व्यापार अभी 10 करोड़ डॉलर से कम है, लेकिन इंडिगो की मुंबई-माहे उड़ानों से संपर्क बेहतर हुआ है। भारतीय कंपनियां बैंकिंग, दूरसंचार और परिवहन क्षेत्रों में सक्रिय हैं, जबकि सहयोग नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल गवर्नेंस और सामुदायिक विकास तक फैल चुका है।

1770 से भारतीय समुदाय सेशेल्स का हिस्सा रहा है और आज भी वहां व्यापार, सार्वजनिक जीवन तथा स्वास्थ्य, निर्माण जैसे क्षेत्रों में भारतीय मूल के लोग अहम भूमिका निभा रहे हैं। मोदी की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंद महासागर में भारत की दीर्घकालिक रणनीति, भरोसेमंद साझेदारी, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है।

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