Sunil Gavaskar No Ball Formula: श्रीलंका दौरे पर भारतीय गेंदबाजों की नो-बॉल की समस्या ने पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का ध्यान खींचा है। कोलंबो टेस्ट में भारत के गेंदबाजों ने कई बार ओवरस्टेप किया, जिससे टीम की मुश्किलें बढ़ीं। इसी को लेकर गावस्कर ने नो-बॉल के बाद मिलने वाली फ्री हिट के बजाय गेंदबाजों पर आर्थिक जुर्माना लगाने का सुझाव दिया है।
हर गलती पर दोगुना हो जुर्माना
गावस्कर ने अपने कॉलम में कहा कि फ्रंट फुट का क्रीज से आगे निकल जाना ऐसी गलती है, जिस पर गेंदबाज काफी हद तक नियंत्रण रख सकता है। इसलिए बार-बार नो-बॉल करने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहली नो-बॉल पर 1,000 रुपये, दूसरी पर 2,000 रुपये और तीसरी पर 4,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। यानी हर अगली गलती के साथ जुर्माने की रकम दोगुनी होती जाए। गावस्कर ने यह भी सुझाव दिया कि जुर्माने की आधी रकम गेंदबाजी कोच से भी ली जा सकती है। उनके मुताबिक इससे पूरी गेंदबाजी इकाई ओवरस्टेपिंग की समस्या को लेकर अधिक गंभीर होगी। जमा की गई रकम का इस्तेमाल टीम के डिनर जैसे सामूहिक काम में किया जा सकता है।
टेस्ट में फ्री हिट के पक्ष में नहीं गावस्कर
भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने मजाकिया अंदाज में सुझाव दिया था कि टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉल के बाद फ्री हिट का नियम गेंदबाजों को ओवरस्टेपिंग से बचने के लिए मजबूर कर सकता है। हालांकि, गावस्कर इस विचार से सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉल के बाद बल्लेबाज को फ्री हिट जैसा अतिरिक्त फायदा देना जरूरी नहीं है। इसके बजाय गेंदबाज पर जुर्माना लगाना ज्यादा प्रभावी तरीका हो सकता है।
जडेजा की नो-बॉल ने खींचा ध्यान
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में रवींद्र जडेजा कई बार नो-बॉल करते नजर आए। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से अब तक जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में 88 नो-बॉल की हैं। कोलंबो टेस्ट में डेब्यू करने वाले सारांश जैन भी दूसरी पारी में फ्रंट फुट लाइन को लेकर संघर्ष करते दिखाई दिए। गावस्कर का मानना है कि गेंदबाज रनअप को सही तरीके से नापकर और नियमित अभ्यास के जरिए इस तरह की गलतियों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
दूसरी गलतियों पर भी लागू हो सकता है नियम
गावस्कर ने जुर्माने के इस विचार को सिर्फ नो-बॉल तक सीमित रखने की बात नहीं कही। उनका मानना है कि मैदान पर होने वाली दूसरी लापरवाहियों के लिए भी टीम के अंदर जुर्माने की व्यवस्था बनाई जा सकती है। उनके अनुसार, इससे खिलाड़ियों में जिम्मेदारी, अनुशासन और टीम भावना बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कोलंबो टेस्ट में भारत ने गंवाया जीत का मौका
गावस्कर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भारत को कोलंबो टेस्ट में जीत का अच्छा मौका मिला था। भारत ने पहली पारी में 213 रनों की बढ़त हासिल की थी और श्रीलंका को फॉलोऑन दिया था। हालांकि, श्रीलंका ने सोनल दिनुषा की नाबाद 133 रनों की पारी की मदद से मुकाबला ड्रॉ करा लिया। इस नतीजे के बाद नो-बॉल जैसी छोटी लेकिन अहम गलतियों पर चर्चा और तेज हो गई है।
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